चितौरा गोलीकांड, एक हफ्ते बाद भी पुलिस खाली हाथ
चितौरा गोलीकांड, एक हफ्ते बाद भी पुलिस खाली हाथ
संदिग्धों के नाम पर पुलिस पर लगा अवैध वसूली का आरोप
जिला संवाददाता दलबहादुर पांडे अयोध्या
थाना खंडासा अंतर्गत ग्राम चितौरा निवासी किसान रजा बहादुर सिंह पुत्र अभय राज सिंह को बीते पांच फरवरी रविवार की रात लगभग 9:30 बजे अज्ञात हमलावरों द्वारा उस समय गोली मारी गई थी जब वे अपने खेत में गेहूं की सिंचाई कर रहे थे। 1 सप्ताह बाद भी पुलिस नामजद अभियुक्त को न गिरफ्तार कर सकी।
पीड़ित किसान ने गांव के ही अपनी पत्नी के भाई व एक अज्ञात के विरुद्ध प्रार्थना पत्र दिया था जिसके आधार पर थाना खंडासा पुलिस ने धारा 307, 504 आईपीसी के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। लेकिन एक सप्ताह बाद भी पुलिस नामजद अभियुक्त को गिरफ्तार तो नहीं कर सकी पर संदिग्ध के नाम पर अवैध वसूली का कारोबार बदस्तूर जारी है, जिसका आरोप चितौरा गांव निवासी रणविजय सिंह उर्फ गुड्डू ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या को प्रार्थना पत्र देते हुए लगाया है।आरोप के अनुसार हल्का प्रभारी प्रमोद कुमार यादव द्वारा रणविजय सिंह को फोन पर थाने पर पूछताछ हेतु बुलाया गया था। जहां थाना प्रभारी मनोज कुमार यादव की उपस्थिति में मारा पीटा गया तथा 20 हजार रुपए नगद जो कि दुकानदारी का सामान खरीदने हेतु मै पर्चा जेब में रखा था को जबरन ले लिया और कहा कि गोली चलने के मामले में तुम संदिग्ध हो अगर पीछा छुड़ाना चाहते हो तो 30 हजार रुपए और दे जाना।
अवैध वसूली के आरोप के संबंध में जब उप निरीक्षक प्रमोद कुमार यादव से जानकारी चाही गई तो उन्होंने बताया कि पूछताछ के लिए बुलाया गया था मारा-पीटा नहीं गया है इनके द्वारा झूठा आरोप लगाया जा रहा है।अब देखना है कि प्रताड़ित रणविजय सिंह को आई चोटों को पुलिस कैसे झुठला पाती है।
बेकसूर ग्रामीणों को स्वयं कानून के रखवालो द्वारा संदिग्ध का भय दिखाकर निरंतर अबैध वसूली की जा रही है। देखना है कि वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक हत्या का राज ना खोल पाने वाले खंडासा पुलिस को इसका पुरस्कार कब तक देते हैं।

Post a Comment