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गन्ना पर्यवेक्षक ने गन्ना कृषक से की बदसलूकी,सट्टा में फीड खाता संख्या दुरुस्त कराने मसौधा गया था गन्ना कृषक

 गन्ना पर्यवेक्षक ने गन्ना कृषक से की बदसलूकी,सट्टा में फीड खाता संख्या दुरुस्त कराने मसौधा गया था गन्ना कृषक


पीड़ित त्रिपाठी मुख्यमंत्री से की शिकायत।



दलबहादुर पांडे जिला संवाददाता अयोध्या


 सहकारी गन्ना विकास समिति मसौधा परिसर स्थित जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक कार्यालय अपना गन्ना सट्टा अभिलेख दुरुस्त कराने पहुंचे किसान से गन्ना पर्यवेक्षक द्वारा सुविधा शुल्क की मांग करते हुए बदसलूकी किए जाने का मामला प्रकाश में आया है।

      पीड़ित कृषक ने बेलगाम एवं मन बढ़ गन्ना पर्यवेक्षक के करतूतों की शिकायत प्रदेश के मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर करते हुए कार्यवाही की गुहार की है।



     प्राप्त जानकारी के मुताबिक हैरिंग्टनगंज ब्लाक क्षेत्र अंतर्गत गिरधरामऊ गांव निवासी गन्ना कृषक भगत सिंह ने मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करते हुए आरोप लगाया है कि सहकारी गन्ना विकास समिति मसौधा के गन्ना सदस्य हैं।उनका गांव के एम शुगर मिल मसौधा को गन्ना आपूर्ति के लिए आरक्षित किया गया है।उनका आरोप है कि वह बीते शुक्रवार को अपने तथा अपने भाई रूद्र सेन के सट्टे में गलत फीड हुए खाता संख्या को दुरुस्त करवाने गन्ना समिति एवं ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक कार्यालय गए थे।जहां पर उन्होंने अपने क्षेत्रीय गन्ना पर्यवेक्षक अभिषेक सिंह से रिपोर्ट लगाने हेतु कई चक्रों में याचना की। कृषक का आरोप है कि गन्ना पर्यवेक्षक अभिषेक सिंह ने उनसे दोनों गन्ना सट्टे को दुरुस्त कराए जाने के नाम पर 1 हजार रुपए की मांग करते हुए कहा कि ऑफिस के बाहर एक गुमटी पर जाकर पैसा दे आओ,तभी काम हो पाएगा।किसान ने जब इसका विरोध किया तब उन्होंने उनसे अभद्रता करते हुए धमकाया कि अब तुम्हारा गन्ना खेत में ही सड़ा देंगे। 20 लाख रुपए देकर नौकरी मिली है।ऐसे फ्री में काम करते रहेंगे तब तो हो गया।जब कृषक ने विरोध जताया तब गन्ना पर्यवेक्षक ने कृषक से जमकर बदसलूकी भी की।गन्ना पर्यवेक्षक की करतूतों से आहत पीड़ित कृषक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री के जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत करते हुए कार्यवाही की मांग की है।



       वहीं दूसरी ओर जेष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक मसौधा राम प्रताप ने मामले में बताया कि शुक्रवार को गन्ना पर्यवेक्षक दोपहर बाद अपने घर पर आयोजित किसी कार्यक्रम में चले गए थे उन्होंने कहां की मामला संज्ञान में आया है किसान का खाता इत्यादि सब दुरुस्त करा दिया जाएगा।आरोपी गन्ना पर्यवेक्षक के विरुद्ध कार्यवाही के सवाल पर उन्होंने कहा कि मामले की जांच कराते हुए विभागीय उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट प्रेषित की जाएगी।

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