हनुमान जी के जीवन दर्शन को आत्मसात कर जीवन निखार सकता है मनुष्य - राघवचरणानुरागी
हनुमान जी के जीवन दर्शन को आत्मसात कर जीवन निखार सकता है मनुष्य - राघवचरणानुरागी
अमानीगंज ।
क्षेत्र के संत भीखादास की तपस्थली मोहली में मंगलवार को तीन दिवसीय श्री राम कथा युवा आध्यात्मिक संवाद का आगाज हुआ। राम कथा वाचक राघव चरणानुरागी हरिओम तिवारी ने पहले दिन संत तुलसीदास द्वारा रचित श्री राम चरित मानस के विभिन्न प्रसंगों से युवाओं को जोड़कर उन्हें उसका अनुसरण करने के लिए प्रेरित किया।
युवाओं से संवाद स्थापित करते हुए हरिओम ने कहा की जीवन में आने वाली सभी प्रकार की समस्याओं का उत्तम समाधान गोस्वामी तुलसीदास जी ने रामचरितमानस व हनुमान चालीसा में सरल भाषा में लिखकर आम जनमानस को समझा दिया है। उन्होंने कहा हनुमान चालीसा भौतिक, आध्यात्मिक एवं वैज्ञानिक तीनों दृष्टि से पूजनीय है। हनुमान चालीसा पढ़कर हम अपने दैनिक जीवन में कैसे सुधार लाएं व हम अपने मन में बैठे हुए मैल को कैसे स्वच्छ करें यह हमें हनुमान चालीसा व रामचरितमानस का अध्ययन करके व हनुमान जी के जीवन दर्शन को आत्मसात करके मनुष्य अपना जीवन निखार सकता है। कथा श्रवण के लिए उपस्थित भारी भीड़ को संबोधित करते हुए हरिओम तिवारी ने कहा कि लक्ष्य के प्रति ईमानदारी एवं निरंतर प्रयासरत रहने से लक्ष्य कितना ही बड़ा क्यों न हो, बहुत आसानी से प्राप्त हो जाता है। परंतु लक्ष्य के मूल में श्रेष्ठ का आशीर्वाद एवं मार्गदर्शन होना चाहिए। हनुमान जी के जीवन में जामवंत जी जैसे श्रेष्ठ पुरुष का मार्गदर्शन एवं श्री रघुनाथ जी जैसे समर्थ स्वामी का आशीर्वाद था इसीलिए आज हनुमान जी सर्वत्र पूजनीय हैं। इस मौके पर शैलेश कुमार तिवारी, कैप्टन राजेश तिवारी तथा मनोज कुमार तिवारी सहित सैकड़ों श्रद्धालु मौजूद रहे।

Post a Comment