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आईटीबीपी के जवान और एक गरीब महिला के रजिस्ट्री वाली भूमि को नवीन प्रति बताकर किया जा रहा प्रताड़ित!

आईटीबीपी के जवान और एक गरीब महिला के रजिस्ट्री वाली भूमि को नवीन प्रति बताकर किया जा रहा प्रताड़ित!


 उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के थाना सम्पूर्णानगर खीरी मैं जमीनी विवाद का मामला सामने आया है आइटीबीपी का जवान और एक पीड़ित महिला की जुबानी

कार्यवाही कीजिए सर, जरुर कार्यवाही कीजिए, लेकिन पहले अगर जमीन नवीन परती की है तो अपने ही सरकारी कर्मचारियों पर कार्यवाही कीजिए जिन्होंने रजिस्ट्री की है, उन पर भी करवाई कीजिए जिन्होंने बेची है जमीन, उसके बाद जो सब की सजा वह मेरी सजा............

प्रशासन पर सवालिया निशान; जमीन की रजिस्ट्री हुई गवर्नमेंट को दिया गया पूरा टैक्स भूमि हुई खारिश दाखिल, फिर क्यों भू स्वामी को निर्माण करने से रोका जा रहा है

बताया जा रहा है कि जिस घर में निर्माण कार्य चल रहा है वह देश की सेवा करने के लिए सरहद पर तैनात आईटीबीपी का जवान है

जो देश की सरहद को बचा रहा है देश विरोधियों से, उसी के घर के निर्माण कार्य रुकवाने के लिए कुछ अराजक तत्वों के द्वारा निर्माण कार्य रुकवाने के लिए भ्रामक एप्लीकेशन देने का आरोप

 सूत्र द्वारा बताया जा रहा है कि फौजी और एक आम नागरिक और महिला की जमीन पर भूमाफियाओं की नजर है, उस पर निर्माण कार्य को रुकवाने के लिए तहसील प्रशासन को दी गई भ्रामक जानकारी

पीड़ित ने बताया कि जमीन की रजिस्ट्री मेरे पास है, भूलेख मेरे पास है, खारिश दाखिल मेरे पास है, किंतु कुछ सफेद पोशी संरक्षण करता के लोग हमारी जमीन को नवीन परती बता कर हमको और शासन प्रशासन को उलझाया जा रहे है

 प्रदेश में बैठे माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भू माफियाओं पर नकेल कसने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति लागू कर रहे हैं, किंतु समाज में कुछ अराजक तत्व अपनी मंशा ना पूरी होने पर शासन प्रशासन को गुमराह कर शिकायत कर रहे हैं

 जब स्थानीय लेखपाल गोपाल राणा से स्थानीय पत्रकारों ने इसकी जानकारी लेनी चाही, किंतु लेखपाल  का फोन रिसीव नहीं हुआ, जबकि माननीय मुख्यमंत्री का सीधा आदेश है कि बड़े अधिकारी के पीआरओ यदि फोन उठाते हैं तो गंभीर समस्याओं पर अधिकारी से बात कराएंगे, किंतु माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेशों को धता बता रहे हैं यहां के स्थानीय लेखपाल

 आप स्वयं विचार कीजिए जब देश की रक्षा करने वाला फौजी की जमीन सुरक्षित नहीं है तो, यह भू माफिया आम जनमानस के साथ कौन सा शाम,दाम,दंड,भेद नहीं लगाते होंगे

अब देखना यह है कि जो जवान हमारे देश की जमीन सीमा की सरहदों को सुरक्षित कर रहा है क्या उसका घर सुरक्षित हो पाएगा; या उसको भी भू माफिया अपने षड्यंत्र का शिकार बना लेंगे

सूत्रों ने बताया कि बड़े बड़े भू माफिया हजारों एकड़ सरकारी जमीनों पर कब्जा कर मलाई काट रहे हैं, पटीहन में 100 एकड़ सीलिंग की जमीन पर बिना शासन की अनुमति के वह माफिया गन्ने की फसल उगा रहे, हर साल लाखों रुपए की रकम डकार रहे हैं ; किंतु प्रशासन की नजर उन पर नहीं पड़ रही है

नगर पालिका की दुधवा रोड पर खुड्डी की जमीन पर तीन मंजिला बिल्डिंग का निर्माण हो गया, इतना ही नहीं पलिया कला में नवीन परती की भूमि पर भू माफियाओं द्वारा किए गए कब्ज को हटाने के लिए लगातार ग्रामीण मुख्यमंत्री पोर्टल पर आईजीआरएस के माध्यम से शिकायत कर रहे हैं, किंतु कार्यवाही शून्य

  लेकिन जब देश की लिए अपना बलिदान देने वाले आईटीबीपी के जवान के घर का निर्माण हो रहा था जिसके पास सभी कागज मौजूद है एक फर्जी शिकायत पर उसके घर का निर्माण कार्य रुकवाने के लिए पुरा तहसील प्रशासन मौके पर पहुंच गया और निर्माण कार्य को रुकवा दिया गया

फिलहाल सूत्रों ने बताया कि जब इस जमीन की रजिस्ट्री कराई गई थी तो क्या निबंधक और जो जिम्मेदार अधिकारी थे उन्होंने बिना मौका मुआयना की यही लाखों रुपए का टैक्स लेकर फर्जी रजिस्ट्री को अनुमति दे दी, यदि ऐसा हुआ है तो सबसे पहले उस पर कार्यवाही क्यों नहीं

यदि रजिस्ट्री सही की गई है तो फर्जी एप्लीकेशन देने वाले पर सरकार के साथ धोखाधड़ी और प्रशासन को गुमराह करने के लिए जैसे गंभीर धाराओं में मुकदमा कर सलाखों के पीछे क्यों नहीं भेजा जा रहा है

फिलहाल पीड़ित आईटीबीपी के जवान के परिवार का कहना है कि यदि हमको न्याय नहीं मिला, हमें हमारा हक नहीं मिला तो हम इसी जगह पर परिवार सहित आत्मदाह करेंगे इसके लिए शिकायत करता और प्रशासन जिम्मेदार होगा


श्री न्यूज़ 24/अदिति न्यूज़ से UP हेड मनोज प्रजापति की खास रिपोर्ट

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