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गोवंश संरक्षण को लेकर सख्त हुई अमेठी प्रशासन सीडीओ पूजा साहू ने गौशालाओं का किया औचक निरीक्षण, निर्माण कार्य में गुणवत्ता और निराश्रित गोवंशों के संरक्षण पर दिए कड़े निर्देश

गोवंश संरक्षण को लेकर सख्त हुई अमेठी प्रशासन सीडीओ पूजा साहू ने गौशालाओं का किया औचक निरीक्षण, निर्माण कार्य में गुणवत्ता और निराश्रित गोवंशों के संरक्षण पर दिए कड़े निर्देश



अमेठी

जनपद में गोवंश संरक्षण व्यवस्था को मजबूत और व्यवस्थित बनाने के उद्देश्य से मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने सोमवार को विकासखंड जगदीशपुर क्षेत्र की गौशालाओं का सघन निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान निर्माणाधीन बृहद स्थाई गोवंश संरक्षण केंद्र कठौरा एवं अस्थाई गोवंश संरक्षण केंद्र लोशनपुर में व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए।

ग्राम पंचायत कठौरा में निर्माणाधीन वृहद गोवंश संरक्षण केंद्र का निरीक्षण करते हुए सीडीओ ने कार्यदायी संस्थाओं को निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। मौके पर मौजूद अधिकारियों को कार्य की प्रगति तेज करने और निर्धारित मानकों के अनुरूप निर्माण सुनिश्चित करने की हिदायत दी गई।निरीक्षण के दौरान सड़कों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशों को लेकर भी सीडीओ ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी और खंड विकास अधिकारी को निर्देशित किया कि विशेष अभियान चलाकर सभी निराश्रित गोवंशों को गौशालाओं में संरक्षित किया जाए, ताकि मार्गों पर कोई भी बेसहारा गोवंश दिखाई न दे।

लोशनपुर स्थित अस्थाई गोवंश संरक्षण केंद्र के निरीक्षण में कुछ गोवंश बिना इयर टैगिंग के पाए जाने पर सीडीओ ने गहरा असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी गोपाल कृष्ण शुक्ल को तत्काल आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। साथ ही सभी गोवंशों की शीघ्र टैगिंग, नियमित गणना और अभिलेख अद्यतन रखने पर विशेष जोर दिया गया।सीडीओ ने गौशालाओं में भूसा, चारा, पशु आहार, स्वच्छ पेयजल, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और टीकाकरण व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने के निर्देश भी दिए। निरीक्षण के दौरान गौशाला में पर्याप्त पशु आहार उपलब्ध पाया गया।

गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी प्रशासन गंभीर नजर आया। अधिकारियों ने बताया कि बीते एक वर्ष में गौशाला से खाद बिक्री के माध्यम से आय अर्जित की गई है। इस पर सीडीओ ने आय के अन्य स्रोत विकसित कर गौशालाओं को और अधिक स्वावलंबी बनाने पर जोर दिया। साथ ही मुख्यमंत्री सहभागिता योजना के तहत अधिक से अधिक लाभार्थियों को जोड़ने और उनके नियमित भौतिक सत्यापन के निर्देश भी दिए गए।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद के साथ

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