निघासन में 3 हफ्ते से फरार दो आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, मारपीट में युवक की मौत के मामले में हुई गिरफ्तारी
निघासन में 3 हफ्ते से फरार दो आरोपियों को पुलिस ने दबोचा, मारपीट में युवक की मौत के मामले में हुई गिरफ्तारी
श्री न्यूज 24/ अदिति न्यूज मण्डल रिपोर्टर चन्दन सोनी लखनऊ मण्डल लखीमपुर खीरी से
लखीमपुर खीरी। पुलिस अधीक्षक खीरी के निर्देशन और शान्ति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत निघासन पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। क्षेत्राधिकारी निघासन शिवम कुमार के पर्यवेक्षण और प्रभारी निरीक्षक अवधराज सिंह सेंगर के मार्गदर्शन में थाना निघासन पुलिस ने मारपीट के बाद युवक की मौत के मामले में 3 हफ्ते से फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
टायर पुरवा मोड से हुई गिरफ्तारी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मो0 इरफान पुत्र जहीर अहमद (36 वर्ष)और उस्मान अहमद (27 वर्ष) दोनों निवासी वार्ड नंबर 09, शास्त्रीनगर, थाना निघासन के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों को शनिवार 10 मई 2026 को टायर पुरवा मोड से धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद दोनों को न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है।
मारपीट में गंभीर घायल युवक की लखनऊ ले जाते समय हुई मौत पूरा मामला 21 अप्रैल 2026 का है। निघासन निवासी फातिमा पत्नी मोबीन ने थाना निघासन में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि विपक्षी नफीस पुत्र हबीब, इरफान, इमरान और उस्मान ने उनके और उनके पति मोबीन के साथ गाली-गलौज कर मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी।
इस मामले में थाना निघासन में
मु0अ0स0 130/2026 धारा 3(5)/105/115(2)/352/351(3) बीएनएस के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव को सौंपी गई थी।
घटना में गंभीर रूप से घायल हुए मोबीन का इलाज पहले प्राइवेट अस्पताल लखीमपुर खीरी में चल रहा था। हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उन्हें लखनऊ रेफर कर दिया था, लेकिन इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में ही मोबीन की मौत हो गई। पीएम रिपोर्ट के आधार पर विवेचना में धारा 105 बीएनएस की बढ़ोतरी की गई।
7 मई से थे फरार, मुखबिर की सूचना पर दबोचे गए
घटना के बाद से ही आरोपी इरफान और उस्मान फरार चल रहे थे। पुलिस उनकी लगातार तलाश कर रही थी। शनिवार को मुखबिर की सटीक सूचना पर पुलिस टीम ने दोनों को उनके घर के बाहर से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम की भूमिका
इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक आदित्य कुमार यादव के साथ कांस्टेबल राजकुमार यादव और कांस्टेबल प्रशांत तेवतिया की अहम भूमिका रही।

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