इंटरलॉकिंग कार्य में अनियमितता पर प्रधान प्रशासक पर कार्रवाई,3.22 लाख रुपये के कार्य में गड़बड़ी का मामला, 1.61 लाख की वसूली के आदेश; तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पर भी कार्रवाई के निर्देश
इंटरलॉकिंग कार्य में अनियमितता पर प्रधान प्रशासक पर कार्रवाई,3.22 लाख रुपये के कार्य में गड़बड़ी का मामला, 1.61 लाख की वसूली के आदेश; तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी पर भी कार्रवाई के निर्देश
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
अमेठी विकासखंड संग्रामपुर की ग्राम पंचायत ठेंगहा में इंटरलॉकिंग कार्य को लेकर हुई शिकायत की जांच के बाद प्रशासन ने कार्रवाई की है। जिलाधिकारी संजय चौहान के आदेश के अनुसार ग्राम पंचायत की निवर्तमान प्रधान/प्रशासक सुदामा देवी को पद से पदच्युत कर दिया गया है। साथ ही शासकीय धनराशि के दुरुपयोग से संबंधित मामले में 1,61,198 रुपये की वसूली के निर्देश दिए गए हैं।मामला करीब 3,22,396 रुपये की लागत से कराए गए इंटरलॉकिंग कार्य से जुड़ा है। ग्राम पंचायत निवासी आशीष तिवारी, शोभधर तिवारी, अनिल पांडेय समेत अन्य ग्रामीणों ने कार्य में अनियमितता की शिकायत की थी। शिकायत में प्रस्तावित स्थल के बजाय दूसरे स्थान पर इंटरलॉकिंग कराने और ईंटों को दूसरे स्थान पर ले जाने समेत कई आरोप लगाए गए थे।
जांच में यह तथ्य सामने आया कि प्रस्तावित स्थल के बजाय दूसरे स्थान पर इंटरलॉकिंग कार्य कराया गया था। जिलाधिकारी के आदेश में इसे शासकीय धनराशि के दुरुपयोग से संबंधित मामला माना गया है। इस संबंध में तत्कालीन प्रधान/प्रशासक से स्पष्टीकरण भी मांगा गया था।
स्पष्टीकरण में तत्कालीन प्रधान की ओर से कहा गया कि जिस संपर्क मार्ग पर इंटरलॉकिंग कराई गई, उसकी स्थिति खराब थी और बारिश के दौरान कीचड़ के कारण ग्रामीणों को आवागमन में परेशानी होती थी। ग्रामीणों की मांग पर ग्राम सभा की बैठक में उक्त मार्ग पर इंटरलॉकिंग कराने का प्रस्ताव स्वीकृत किए जाने की बात कही गई।जांच के दौरान कार्य की वर्क आईडी से संबंधित तकनीकी प्रक्रिया और भुगतान का मामला भी सामने आया। स्पष्टीकरण में वर्क आईडी तैयार करने में तकनीकी समस्या आने की बात कही गई थी। हालांकि जांच के दौरान ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर संबंधित कार्य की वर्क आईडी उपलब्ध पाई गई।शिकायत में इंटरलॉकिंग की ईंटें उखाड़कर दूसरे स्थान पर ले जाने और इस संबंध में प्राथमिकी दर्ज नहीं कराने का आरोप भी लगाया गया था। जांच रिपोर्ट के अनुसार इस आरोप की पुष्टि नहीं हुई। रिपोर्ट में उपलब्ध तथ्यों और तत्कालीन प्रधान के स्पष्टीकरण के आधार पर ईंटों के गायब होने के आरोप की पुष्टि नहीं होने की बात कही गई है।जिलाधिकारी के आदेश में 3,22,396 रुपये की शासकीय धनराशि के दुरुपयोग का उल्लेख करते हुए उसकी आधी राशि 1,61,198 रुपये की वसूली के निर्देश दिए गए हैं। यह धनराशि भू-राजस्व की भांति वसूल किए जाने का आदेश है।इसके अलावा तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी मिथिलेश कुमार यादव के विरुद्ध भी 1,61,198 रुपये की वसूली तथा विभागीय अनुशासनात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए गए हैं।जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को वसूली की कार्रवाई पूरी कर धनराशि ग्राम पंचायत ठेंगहा के ग्राम निधि खाते में जमा कराने के निर्देश दिए हैं। आदेश की प्रतिलिपि संबंधित मंडलीय एवं जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ खंड विकास अधिकारी, संग्रामपुर को भी भेजी गई है।

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