Click now

https://bulletprofitsmartlink.com/smart-link/41102/4

धर्मापुर के प्राथमिक विद्यालय टांडा में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण पर गंभीर सवाल, पीली ईंट, घटिया मसाला और बिना बीम खड़ी हो रही दीवारें—जिम्मेदारों की चुप्पी पर ग्रामीणों में आक्रोश

 

मझगई में भ्रष्टाचार की ईंटों से बन रहा नौनिहालों का भविष्य!

धर्मापुर के प्राथमिक विद्यालय टांडा में आंगनबाड़ी केंद्र निर्माण पर गंभीर सवाल, पीली ईंट, घटिया मसाला और बिना बीम खड़ी हो रही दीवारें जिम्मेदारों की चुप्पी पर ग्रामीणों में आक्रोश


मण्डल रिपोर्टर चन्दन सोनी 






लखीमपुर खीरी के ब्लॉक निघासन 

योगी सरकार भले ही भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस की बात करती हो, लेकिन ब्लॉक निघासन की ग्राम पंचायत धर्मापुर में निर्माण कार्य की तस्वीरें और ग्रामीणों के आरोप इस दावे पर सवाल खड़े कर रहे हैं। प्राथमिक विद्यालय टांडा परिसर में बन रहे आंगनबाड़ी केंद्र के निर्माण में कथित तौर पर मानकों की जमकर अनदेखी की जा रही है।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में मानक के अनुरूप ईंटों की जगह घटिया पीली ईंटों का इस्तेमाल किया जा रहा है। उनका कहना है कि ईंटों की गुणवत्ता इतनी खराब है कि हाथ लगाते ही चूरा निकलने लगता है। मसाले को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक निर्माण में सीमेंट की मात्रा बेहद कम होने तथा घटिया बालू और कमजोर मसाले के इस्तेमाल का आरोप है।

निर्माण में लगाए जा रहे सरिए को लेकर भी ग्रामीण सवाल उठा रहे हैं। आरोप है कि बेहद पतले सरिए का इस्तेमाल कर महज खानापूर्ति की जा रही है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि दीवारों को बिना उचित बीम के खड़ा किया जा रहा है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि अगर निर्माण मानकों के विपरीत हुआ तो भविष्य में यहां आने वाले मासूम बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा?

ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार और संबंधित पंचायत कर्मियों की कथित मिलीभगत से घटिया निर्माण कराया जा रहा है। उनका कहना है कि मौके पर गुणवत्ता की निगरानी करने वाले जिम्मेदार अधिकारी भी दिखाई नहीं दे रहे हैं। ग्रामीणों के मुताबिक न जेई मौके पर पहुंच रहे हैं और न ही अन्य संबंधित अधिकारी निर्माण की गुणवत्ता की जांच कर रहे हैं।

सवाल सीधा है—जिस आंगनबाड़ी केंद्र की दीवारें बच्चों के भविष्य की सुरक्षा के लिए खड़ी होनी हैं, अगर उन्हीं दीवारों की नींव में गुणवत्ता से समझौता हुआ तो जवाबदेही किसकी होगी?

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी खीरी और मुख्य विकास अधिकारी से मांग की है कि मौके पर तत्काल जांच टीम भेजकर निर्माण सामग्री और गुणवत्ता की तकनीकी जांच कराई जाए। साथ ही जांच में अनियमितता मिलने पर संबंधित ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

अब देखना यह है कि शिकायत के बाद जिम्मेदार विभाग मौके पर पहुंचकर निर्माण की ईंट-पत्थर की हकीकत परखता है या फिर कागजों में ही गुणवत्ता की मुहर लगाकर मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया जाता है।

कोई टिप्पणी नहीं