सुशासन में AI के उपयोग को लेकर अमेठी में 40 विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
सुशासन में AI के उपयोग को लेकर अमेठी में 40 विभागों के अधिकारियों-कर्मचारियों को दिया गया प्रशिक्षण
डीएम और सीडीओ ने किया प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण, सरकारी कामकाज को सरल, तेज एवं प्रभावी बनाने पर जोर
ChatGPT, Google Gemini और BHASHINI सहित विभिन्न AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग की दी गई जानकारी
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
अमेठी। शासन-प्रशासन की कार्यप्रणाली को आधुनिक एवं प्रभावी बनाने और आमजन को बेहतर सार्वजनिक सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जनपद अमेठी में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (Artificial Intelligence-AI) के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। RUPAAM, उत्तर प्रदेश, लखनऊ की ओर से राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), गौरीगंज में आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद के 40 विभागों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को AI के व्यावहारिक उपयोगों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के दौरान ChatGPT, Google Gemini, LM तथा भारत सरकार के AI आधारित भाषा अनुवाद प्लेटफॉर्म भाषिणी (BHASHINI) सहित विभिन्न टूल्स के उपयोग के बारे में बताया गया। मास्टर ट्रेनरों ने अधिकारियों एवं कर्मचारियों को समझाया कि इन तकनीकों का उपयोग दैनिक शासकीय कार्यों को सरल बनाने, समय की बचत करने तथा कार्यक्षमता एवं उत्पादकता बढ़ाने में किस प्रकार किया जा सकता है। प्रशिक्षण में शासकीय पत्रों एवं कार्यालयी दस्तावेजों का मसौदा तैयार करने, रिपोर्ट और बैठक की कार्यवाही व्यवस्थित करने, पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन (PPT) बनाने, पोस्टर एवं जनजागरूकता सामग्री तैयार करने तथा बड़े दस्तावेजों का संक्षिप्त सारांश निकालने जैसे कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही हिंदी एवं अन्य भाषाओं में अनुवाद, कठिन विषयों को सरल भाषा में प्रस्तुत करने और उपलब्ध आंकड़ों के आधार पर सूचनाओं को व्यवस्थित करने में AI की उपयोगिता भी समझाई गई। मास्टर ट्रेनरों ने बताया कि AI टूल्स को स्पष्ट एवं सटीक निर्देश देकर बेहतर परिणाम प्राप्त किए जा सकते हैं। किसी विषय, उद्देश्य, भाषा और अपेक्षित प्रारूप की जानकारी देकर शासकीय पत्रों, योजनाओं की जानकारी, रिपोर्ट तथा विभिन्न कार्ययोजनाओं का प्रारंभिक मसौदा तैयार कराया जा सकता है। इससे अधिकारियों एवं कर्मचारियों को नियमित कार्यों में सहायता मिल सकती है और वे अपने समय का अधिक प्रभावी उपयोग कर सकते हैं। प्रशिक्षण में यह भी बताया गया कि AI का उपयोग जनशिकायतों के संक्षिप्त विवरण तैयार करने, शिकायतों का वर्गीकरण करने, विभागीय प्रगति रिपोर्ट व्यवस्थित करने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए सामग्री तैयार करने में किया जा सकता है। हालांकि, AI से प्राप्त जानकारी एवं तैयार दस्तावेजों को आधिकारिक उपयोग में लेने से पहले तथ्यों की जांच और आवश्यक संशोधन करना जरूरी है। साथ ही, गोपनीय शासकीय अभिलेखों एवं नागरिकों की व्यक्तिगत जानकारी की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम का निरीक्षण जिलाधिकारी शशांक चौधरी एवं मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने मास्टर ट्रेनरों से प्रशिक्षण की विषयवस्तु और AI टूल्स के व्यावहारिक उपयोग के संबंध में जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधुनिक तकनीक का महत्वपूर्ण माध्यम है। इसका उपयोग करके अधिकारी एवं कर्मचारी अपने कार्यों को अधिक सरल, व्यवस्थित एवं प्रभावी बना सकते हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे प्रशिक्षण में प्राप्त जानकारी को अपने विभागीय कार्यों में अपनाएं तथा AI के विभिन्न उपयोगों को सीखने के लिए निरंतर प्रयास करें। ऑनलाइन माध्यमों से भी इस तकनीक के बारे में जानकारी प्राप्त कर अपनी कार्यक्षमता बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में विभिन्न क्षेत्रों में AI की उपयोगिता और बढ़ेगी। शासन द्वारा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को आधुनिक तकनीक से परिचित कराने और उनकी कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। AI का उचित एवं जिम्मेदार उपयोग प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, कार्यों में तेजी लाने तथा आमजन को बेहतर, सुलभ एवं प्रभावी सेवाएं उपलब्ध कराने में सहायक हो सकता है। प्रशिक्षण कार्यक्रम में मास्टर ट्रेनर हमजा नईम खान, AI इंजीनियर, आनंद कुमार यादव, सॉफ्टवेयर इंजीनियर तथा सुभि गुप्ता ने प्रशिक्षण प्रदान किया। तकनीकी नोडल अधिकारी के रूप में अमित विश्वकर्मा, ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर तथा राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान गौरीगंज के प्रधानाचार्य उपस्थित रहे

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