आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन अलर्ट, डीएम व एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा
आगामी त्योहारों को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए प्रशासन अलर्ट, डीएम व एसपी ने की तैयारियों की समीक्षा
पूजा पंडालों एवं विसर्जन घाटों पर सीसीटीवी, पर्याप्त पुलिस बल और सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश
विसर्जन घाटों पर लाइफ जैकेट, नाव, बैरियर व प्रकाश व्यवस्था रहे दुरुस्त, स्वास्थ्य सेवाओं को अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश
अफवाह फैलाने वालों पर रहेगी पैनी नजर, पूजा पंडालों और घाटों के आसपास मांस-मदिरा की दुकानों पर रहेगा प्रतिबंध
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
अमेठी। आगामी नवरात्रि, दुर्गा पूजा, रामलीला, दशहरा एवं मूर्ति विसर्जन सहित अन्य त्योहारों को सकुशल, शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में जिलाधिकारी शशांक चौधरी एवं पुलिस अधीक्षक सर्वनन टी ने कलेक्ट्रेट सभागार में संबंधित अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक कर सुरक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, विद्युत आपूर्ति और यातायात सहित विभिन्न व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी तैयारियां समय से पूरी करते हुए अपने-अपने दायित्वों का जिम्मेदारीपूर्वक निर्वहन सुनिश्चित करें। बैठक में पुलिस अधीक्षक ने समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारियों एवं थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में स्थापित पूजा पंडालों का निरीक्षण कर सुरक्षा एवं अन्य व्यवस्थाओं का जायजा लेने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क किनारे पूजा पंडाल स्थापित करने की अनुमति न दी जाए। पंडालों के आसपास बैरियर, संकेतक बोर्ड, आवागमन मार्गों पर सीसीटीवी कैमरे तथा पर्याप्त पुलिस बल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। संवेदनशील एवं चिन्हित हॉटस्पॉट पर विशेष सतर्कता बरतते हुए सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी जाए। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं के प्रवेश एवं निकास के लिए अलग-अलग मार्ग निर्धारित किए जाएं। ध्वनि विस्तारक यंत्रों का प्रयोग निर्धारित मानकों के अनुरूप किया जाए। साथ ही, प्रतिमाओं का निर्माण शासन द्वारा निर्धारित ऊंचाई के मानकों के अनुसार ही कराया जाए, जिससे विसर्जन के दौरान किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने समस्त उप जिलाधिकारियों एवं पुलिस क्षेत्राधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रतिमा विसर्जन घाटों का स्थलीय निरीक्षण कर साफ-सफाई, पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था और सुरक्षा के सभी आवश्यक इंतजाम समय से सुनिश्चित किए जाएं। घाटों पर तेज बहाव वाले एवं दुर्घटना की आशंका वाले स्थानों पर बैरियर लगाए जाएं तथा सतत निगरानी के लिए सीसीटीवी कैमरे और पब्लिक एड्रेस सिस्टम क्रियाशील रखे जाएं। उन्होंने निर्देश दिए कि विसर्जन स्थलों पर एसडीआरएफ की उपलब्धता, नाव, लाइफ जैकेट तथा प्रशिक्षित एवं स्थानीय सहयोगी कर्मियों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए एक्टिव रिस्पांस टीम को क्रियाशील रखा जाए। अधिकारियों एवं पुलिस बल को लगातार भ्रमणशील रहकर शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश भी दिए गए। पब्लिक एड्रेस सिस्टम के माध्यम से श्रद्धालुओं को आवश्यक सावधानियों के प्रति जागरूक किया जाए। जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देश दिए कि संभावित आपात स्थितियों से निपटने के लिए रैपिड रिस्पांस टीम गठित की जाए। पर्याप्त एंबुलेंस, चिकित्सकों, आवश्यक दवाओं और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों का निरीक्षण कर वहां उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को क्रियाशील बनाए रखने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरत पड़ने पर श्रद्धालुओं को तत्काल चिकित्सा सहायता उपलब्ध हो सके। जिलाधिकारी ने नगर पालिका एवं नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारियों को प्रतिमा विसर्जन घाटों और रामलीला मैदानों में मोबाइल शौचालय की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा साफ-सफाई के लिए अतिरिक्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती करने के निर्देश दिए। नगर क्षेत्रों में स्ट्रीट लाइटों को क्रियाशील रखने को भी कहा गया। जिला पंचायत राज अधिकारी को विसर्जन मार्गों पर झाड़ियों की सफाई, डस्टबिन की उपलब्धता और पर्याप्त सफाई कर्मचारियों की तैनाती सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। वहीं, अधीक्षण अभियंता विद्युत को विसर्जन मार्गों पर बिजली के तारों को व्यवस्थित एवं टाइट कराने, झुके हुए विद्युत खंभों को सीधा कराने तथा शासन द्वारा निर्धारित रोस्टर के अनुसार विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। जिलाधिकारी ने जिला सूचना अधिकारी सहित संबंधित अधिकारियों को सोशल मीडिया एवं अन्य प्रचार माध्यमों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि धार्मिक विद्वेष फैलाने, भ्रामक सूचना प्रसारित करने और अफवाह फैलाकर माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले अराजक तत्वों पर पैनी नजर रखी जाए तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों एवं विसर्जन घाटों के आसपास मांस, मछली तथा मदिरा की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को निराश्रित गोवंश को निर्धारित आश्रय स्थलों में संरक्षित कराने के निर्देश दिए, ताकि त्योहारों के दौरान आवागमन एवं सार्वजनिक व्यवस्था प्रभावित न हो। जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित समयसीमा में तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान सुरक्षा, स्वच्छता, जनसुविधा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ज्ञानेंद्र सिंह, समस्त उप जिलाधिकारी, समस्त पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा विभिन्न विभागों के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

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