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उद्योगों की चमक के पीछे मजदूरों का दर्द, किसान यूनियन ने खोला मोर्चा

 उद्योगों की चमक के पीछे मजदूरों का दर्द, किसान यूनियन ने खोला मोर्चा



जगदीशपुर के कारखानों की जांच की मांग, डीएम को 11 सूत्रीय ज्ञापन; 15 दिन में कार्रवाई नहीं तो पंचायत।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के 


अमेठी। जगदीशपुर के औद्योगिक क्षेत्र में मजदूरों के अधिकारों और सुरक्षा का मुद्दा अब गरमाने लगा है। भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने सोमवार को श्रमिकों की समस्याओं को लेकर जिलाधिकारी को 11 सूत्रीय ज्ञापन सौंपकर प्रशासन से जवाब मांगा। मंडल मध्यांचल उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में पहुंचे संगठन ने कारखानों में कथित श्रमिक शोषण, श्रम कानूनों की अनदेखी और सामाजिक सुरक्षा सुविधाओं में अनियमितताओं की जांच कराने की मांग की।ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि कई कारखानों में बिहार, झारखंड, बंगाल सहित अन्य राज्यों और स्थानीय क्षेत्रों के हजारों मजदूर काम कर रहे हैं। इसके बावजूद श्रमिकों के पंजीकरण, पहचान पत्र, गेट पास, ईपीएफ और ईएसआई जैसी सुविधाओं में लापरवाही बरती जा रही है। मजदूरी का नकद भुगतान, उपस्थिति और ड्यूटी का रिकॉर्ड नहीं रखना, बिचौलियों के जरिए काम कराना तथा अवैध कटौती जैसी शिकायतें भी उठाई गईं।यूनियन ने सभी कारखानों में श्रमिकों का नियमानुसार पंजीकरण, पात्र मजदूरों को ईपीएफ-ईएसआई का लाभ, बैंक खातों में समय से मजदूरी, अग्निशमन उपकरण और आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित कराने की मांग की। औद्योगिक दुर्घटनाओं में मुआवजा, प्रबंधन की जवाबदेही और श्रम विभाग व जिला प्रशासन की संयुक्त जांच टीम गठित करने पर भी जोर दिया।मंडल मध्यांचल उपाध्यक्ष वीरेंद्र कुमार सिंह ने कड़े तेवर में कहा, मजदूरों के पसीने से उद्योगों की नींव खड़ी होती है। उनके अधिकारों पर डाका डालने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन 15 दिन में जांच और कार्रवाई करे, अन्यथा किसान-मजदूर जिला मुख्यालय पर पंचायत कर अपनी ताकत दिखाएंगे।इस मौके पर जिला अध्यक्ष शमीमा खान, प्रेम शंकर द्विवेदी, मंडल सचिव अवधेश मौर्य, गौरीगंज तहसील अध्यक्ष भानु प्रताप सिंह, आनंद यादव, रामजस, राम सुमेर, शिवनाथ और शैलेन्द्र सिंह सहित दर्जनों पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

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