रामपुर पांवरा में कूड़ा निस्तारण पर उठे सवाल, ई-लोडर के उपयोग को लेकर ग्रामीणों ने की जांच की मांग
रामपुर पांवरा में कूड़ा निस्तारण पर उठे सवाल, ई-लोडर के उपयोग को लेकर ग्रामीणों ने की जांच की मांग
तिलोई,अमेठी। विकासखंड सिंहपुर की ग्राम पंचायत रामपुर पांवरा में स्वच्छता अभियान के तहत खरीदे गए ई-लोडर और बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्र के उपयोग को लेकर ग्रामीणों के बीच सवाल उठने लगे हैं। गांव में घर-घर से कूड़ा संग्रहण और वैज्ञानिक तरीके से निस्तारण की व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पंचायत स्तर पर ई-लोडर की खरीद की गई थी, लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि व्यवस्था अपेक्षित रूप से संचालित नहीं हो रही है।
ग्रामीणों के अनुसार कई मोहल्लों में नियमित रूप से कूड़ा संग्रह नहीं किया जा रहा। कुछ घरों से कई दिनों तक कूड़ा लेने कोई नहीं पहुंचता, जिससे लोग मजबूरी में खाली स्थानों, सड़क किनारे या नालियों में कूड़ा फेंकने को विवश हो रहे हैं। इससे गांव की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है और बीमारी फैलने की आशंका भी बढ़ रही है। वहीं कूड़ा निस्तारण केंद्र के संचालन को लेकर भी लोगों में शंका है कि क्या प्रतिदिन कूड़ा वहां पहुंचाया जा रहा है और क्या उसका पृथक्करण व निस्तारण नियमानुसार हो रहा है या नहीं।ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत द्वारा खरीदा गया ई-लोडर ज्यादातर समय खड़ा रहता है और उसका उपयोग नहीं हो रहा तो यह सरकारी धन के समुचित उपयोग पर भी प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। ग्रामीणों ने संबंधित विभागीय अधिकारियों से मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच कराने और नियमित कूड़ा संग्रहण सुनिश्चित करने की मांग की है।इस संबंध में ग्रामीण नीलेश पांडेय ने कहा, “हर नागरिक को अपने अधिकारों के बारे में जानना और बोलना चाहिए। गांव में जो भी व्यवस्था बनी है, उसमें वास्तविक बदलाव कैसे हो, इस पर हमें निःसंकोच अपनी बात रखनी चाहिए। यह हम सभी का अधिकार है और इसी से व्यवस्था बेहतर हो सकती है।”ग्रामीणों का मानना है कि यदि समय रहते व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो स्वच्छता अभियान की मंशा अधूरी रह जाएगी। उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप कर प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है ताकि गांव में नियमित कूड़ा संग्रहण और निस्तारण सुनिश्चित हो सके।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद के साथ

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