15 दिन से खराब हैंडपंप, 500 मीटर दूर से पानी लाने को मजबूर मासूम — जिम्मेदार कौन?
15 दिन से खराब हैंडपंप, 500 मीटर दूर से पानी लाने को मजबूर मासूम — जिम्मेदार कौन?
अमेठी (तिलोई) जिले के सिंहपुर विकासखंड की ग्राम सभा महिया सिंदुरिया स्थित महेशपुर प्राथमिक विद्यालय में मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी सामने आई है। यहां पिछले करीब 15 दिनों से विद्यालय का हैंडपंप खराब पड़ा है, जिसके कारण छोटे-छोटे बच्चों को पीने के पानी के लिए लगभग 500 मीटर दूर तक जाना पड़ रहा है।विद्यालय के शिक्षक का कहना है कि हैंडपंप खराब होने की सूचना कई बार ग्राम प्रधान अजय सिंह को दी जा चुकी है, लेकिन अब तक उसकी मरम्मत नहीं कराई गई। नतीजा यह है कि विद्यालय में पढ़ने वाले मासूम बच्चों को अपनी प्यास बुझाने के लिए स्कूल परिसर से बाहर जाना पड़ता है।सबसे चिंताजनक बात यह है कि बच्चे पानी लेने के लिए सड़क पार कर दूर जाते हैं। ऐसे में अगर किसी बच्चे के साथ रास्ते में कोई दुर्घटना हो जाती है, तो इसकी जिम्मेदारी आखिर किसकी होगी? यह सवाल अब ग्रामीणों और अभिभावकों के मन में गूंजने लगा है।ग्रामीणों का आरोप है कि सरकार हर साल विद्यालयों के रखरखाव और मरम्मत के लिए लाखों रुपये का बजट देती है, लेकिन इसके बावजूद बच्चों को पीने के पानी जैसी बुनियादी सुविधा तक नहीं मिल पा रही है। इससे व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।ग्रामीणों और अभिभावकों ने जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग से मांग की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए जल्द से जल्द हैंडपंप की मरम्मत कराई जाए, ताकि विद्यालय के बच्चों को सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल मिल सके।अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है और मासूम बच्चों की इस परेशानी का समाधान कब तक हो पाता है।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद के साथ

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