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अमेठी में कागज़ों में निस्तारण, जमीनी हकीकत जस की तस: खराब हैंडपंप से जूझ रहे ग्रामीण!

अमेठी में कागज़ों में निस्तारण, जमीनी हकीकत जस की तस: खराब हैंडपंप से जूझ रहे ग्रामीण!



अमेठी। जनपद में जनसुनवाई प्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। तिलोई विकासखंड के पूरे भगवानदीन, ग्रामसभा अगौना में खराब पड़े इंडिया मार्का हैंडपंप की शिकायत दर्ज कराई गई थी, लेकिन प्रशासन द्वारा इसे कागज़ों में ही निस्तारित दिखा दिया गया।ग्रामीणों के अनुसार, संबंधित हैंडपंप आज भी खराब पड़ा हुआ है और लोगों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि बिना मौके पर जांच किए ही अधिकारियों ने शिकायत का निस्तारण कर दिया। इतना ही नहीं, निस्तारण रिपोर्ट में जो फोटो लगाई गई है, वह किसी अन्य स्थान की प्रतीत होती है। फोटो में छप्पर दिखाई दे रहा है, जबकि शिकायतकर्ता के घर के बाहर कोई छप्पर नहीं है।स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित अधिकारियों से शिकायत की, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बताया जा रहा है कि हैंडपंप करीब तीन वर्ष पहले लगाया गया था, लेकिन अब तक उसका चबूतरा भी नहीं बन पाया है, जिससे समस्या और बढ़ गई है।

इस मामले ने जनसुनवाई व्यवस्था की पारदर्शिता और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि जब मौके पर समस्या जस की तस बनी हुई है, तो आखिर किस आधार पर शिकायत का निस्तारण कर दिया गया।ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है, ताकि लोगों को जल्द से जल्द पेयजल की समस्या से राहत मिल सके।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद के साथ

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