पंचायतों पर प्रशासक थोपना लोकतंत्र के खिलाफ : प्रधान संघ
पंचायतों पर प्रशासक थोपना लोकतंत्र के खिलाफ : प्रधान संघ
कार्यकाल विस्तार की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन, चुनावी प्रक्रिया में देरी पर जताई चिंता
अमेठी।
त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल समाप्त होने से पहले पंचायत प्रतिनिधियों ने कार्यकाल विस्तार की मांग तेज कर दी है। प्रधान संघ अमेठी ने पंचायतों में प्रशासकों की नियुक्ति का विरोध करते हुए इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए घातक बताया है। इस संबंध में प्रधान संघ के जिला अध्यक्ष वीरेन्द्र तिवारी ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन विधायक गौरीगंज राकेश प्रताप सिंह के माध्यम से भेजा है।ज्ञापन में कहा गया है कि प्रदेश की त्रिस्तरीय पंचायतों का कार्यकाल 26 मई, 12 जुलाई और 20 जुलाई 2026 को समाप्त होने जा रहा है। वहीं मतदाता सूची पुनरीक्षण में देरी, समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन लंबित होने और सर्वोच्च न्यायालय द्वारा निर्धारित ‘ट्रिपल टेस्ट’ प्रक्रिया अधूरी होने के कारण समय पर पंचायत चुनाव कराना संभव नहीं दिख रहा है।
प्रधान संघ ने चेतावनी दी है कि यदि निर्वाचित पंचायतों की जगह प्रशासकों की नियुक्ति की गई तो इससे लोकतांत्रिक मूल्यों को गहरी चोट पहुंचेगी। ज्ञापन में कहा गया कि पूर्व में प्रशासक व्यवस्था लागू होने पर कई क्षेत्रों में पारदर्शिता की कमी, जवाबदेही का अभाव और वित्तीय अनियमितताओं की शिकायतें सामने आई थीं, जिससे ग्रामीणों का प्रशासनिक व्यवस्था पर भरोसा कमजोर हुआ।ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ग्राम प्रधान और पंचायत प्रतिनिधि सीधे जनता द्वारा चुने गए जनप्रतिनिधि होते हैं, जो गांव की समस्याओं और जरूरतों को बेहतर तरीके से समझते हैं। ऐसे में पंचायतों की निरंतरता बनाए रखना ग्रामीण विकास और सुशासन के लिए बेहद जरूरी है।प्रधान संघ ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने और ग्रामीण विकास कार्यों को प्रभावित होने से बचाने के लिए पंचायत प्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने पर तत्काल निर्णय लिया जाए।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद के साथ

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