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भीषण गर्मी में मासूमों की जिंदगी खतरे मेंहीट वेव की चपेट में आई स्कूली छात्रा, अस्पताल में भर्ती

भीषण गर्मी में मासूमों की जिंदगी खतरे मेंहीट वेव की चपेट में आई स्कूली छात्रा, अस्पताल में भर्ती


अमेठी जनपद में पड़ रही प्रचंड गर्मी और लगातार बढ़ती हीट वेव अब छोटे बच्चों के लिए गंभीर खतरा बनती जा रही है। मौसम विभाग लगातार लोगों को दोपहर में घर से बाहर न निकलने की चेतावनी दे रहा है, लेकिन इसके बावजूद छोटे-छोटे बच्चों को भीषण गर्मी में स्कूल जाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। इसका खामियाजा अब मासूम बच्चों को अपनी सेहत और जिंदगी से चुकाना पड़ रहा है।ऐसा ही एक दर्दनाक मामला तहसील तिलोई क्षेत्र से सामने आया है, जहां सोनू खान की पुत्री स्कूल जाते समय भीषण गर्मी और हीट वेव की चपेट में आ गई। अचानक तबीयत बिगड़ने पर बच्ची को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। डॉक्टरों के अनुसार बच्ची तेज गर्मी और लू लगने से प्रभावित हुई है। फिलहाल उसका इलाज चल रहा है।इस घटना के बाद क्षेत्र में अभिभावकों के बीच भारी चिंता और आक्रोश का माहौल है। लोगों का कहना है कि जब प्रशासन और मौसम विभाग खुद हीट वेव को लेकर अलर्ट जारी कर रहे हैं, तब छोटे बच्चों के स्कूल संचालन पर तत्काल निर्णय क्यों नहीं लिया जा रहा।अभिभावकों ने सवाल उठाया है कि क्या बच्चों की जान से बढ़कर स्कूलों की उपस्थिति और फीस वसूली महत्वपूर्ण हो गई है? उनका कहना है कि पहले भी स्कूल गर्मियों की छुट्टियों के बाद जुलाई में खुलते थे और बच्चे अच्छी शिक्षा प्राप्त कर सफल बनते थे। फिर इतनी भीषण गर्मी में स्कूल खोलने की क्या मजबूरी है? डॉक्टरों का मानना है कि छोटे बच्चों में हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे अधिक होता है। तेज धूप, गर्म हवाएं और लंबे समय तक बाहर रहने से बच्चों के शरीर में पानी की कमी, चक्कर आना, बेहोशी और गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने सरकार और शिक्षा विभाग से मांग की है कि बढ़ती गर्मी को देखते हुए तत्काल स्कूलों में अवकाश घोषित किया जाए तथा बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए।

बच्चों का जीवन अनमोल है। शिक्षा जरूरी है, लेकिन उससे कहीं ज्यादा जरूरी है बच्चों का सुरक्षित और स्वस्थ रहना।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद के साथ

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