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लखीमपुर खीरी के थाना पढ़ुआ क्षेत्र में आबकारी विभाग की 'दबंग रेड': बाबागंज में धधक रही कच्ची शराब की भट्ठियों पर चला बुलडोजर

लखीमपुर खीरी के थाना पढ़ुआ क्षेत्र में आबकारी विभाग की 'दबंग रेड': बाबागंज में धधक रही कच्ची शराब की भट्ठियों पर चला बुलडोजर



श्री न्यूज 24/अदिति न्यूज मण्डल रिपोर्टर चन्दन सोनी लखनऊ मण्डल लखीमपुर खीरी से 


25 लीटर जहरीली शराब जब्त, 400 किलो लहन नाले में, 2 भट्ठियां राख 

इंस्पेक्टर राजेश कुमार की दबिश से माफियाओं में भगदड़, DEO राजवीर सिंह की चेतावनी- 'अब नहीं बख्शे जाएंगे'


लखीमपुर खीरी। थाना पढूआ शासन के जीरो टॉलरेंस अभियान के तहत आबकारी विभाग ने निघासन क्षेत्र में अवैध शराब माफियाओं की कमर तोड़ दी है। शुक्रवार को पढ़ुआ थाना क्षेत्र के *ग्राम बाबागंज हथियाबोझ* में आबकारी टीम ने ऐसा कहर बरपाया कि 'जहर' की फैक्ट्री चलाने वालों के होश उड़ गए।  


मिनी डिस्टिलरी' पर आबकारी का हंटर

आबकारी आयुक्त यूपी के निर्देश, डीएम खीरी के आदेश और जिला आबकारी अधिकारी के मार्गदर्शन में *आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-3 निघासन राजेश कुमार* के नेतृत्व में टीम ने बाबागंज के संदिग्ध ठिकानों पर ताबड़तोड़ दबिश दी। गांव के बाहर सूनसान इलाके में अवैध कच्ची शराब की भट्ठियां धधक रही थीं। मानो मौत का कारोबार खुलेआम चल रहा हो।  


ऑपरेशन बाबागंज: मौके पर ही 'अंतिम संस्कार'

1.  टीम ने छापे में 25 लीटर तैयार कच्ची शराब बरामद कर जब्त कर ली।  

2.  जहर बनाने वाली 2 लहन की भट्ठियों को मौके पर ही तहस-नहस कर दिया गया।  

3.  400 किलो लहन को बहाकर नष्ट किया गया, जिससे सैकड़ों लीटर शराब बनती और दर्जनों घर बर्बाद होते।  


DEO का अल्टीमेटम: 'स्वास्थ्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं'

जिला आबकारी अधिकारी *राजवीर सिंह* ने कड़े तेवर दिखाते हुए कहा, "शासन की मंशा एकदम साफ है। जिले में अवैध शराब का धंधा जड़ से खत्म करेंगे। जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी माफिया को बख्शा नहीं जाएगा। बाबागंज की कार्रवाई एक ट्रेलर है, पूरी पिक्चर अभी बाकी है।"  


1 पर केस, आगे भी जारी रहेगा 'एनकाउंटर'

इस मामले में *आबकारी अधिनियम के तहत 01 अभियोग दर्ज* कर विधिक कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आबकारी टीम की इस दबंग कार्रवाई के बाद इलाके के शराब माफियाओं में भगदड़ मच गई है। कई अंडरग्राउंड हो गए हैं।  


बड़ा सवाल: कब रुकेगा गरीब की जिंदगी से खिलवाड़?

कच्ची शराब पीकर हर साल कई परिवार उजड़ जाते हैं। आबकारी विभाग की इस कार्रवाई से लोगों ने राहत की सांस ली है, लेकिन सवाल अब भी जिंदा है कि गांव-गांव में पनप रहे इन 'मौत के सौदागरों' पर स्थायी लगाम कब लगेगी?  


फिलहाल एक बात तो तय है, आबकारी विभाग के इस 'सर्जिकल स्ट्राइक' के बाद अब अवैध शराब का धंधा करने वालों की रातों की नींद उड़ गई है।

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