तीन लाख आबादी को जोड़ने वाली सड़क बनी बदहाली की मिसाल, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठे सवाल
तीन लाख आबादी को जोड़ने वाली सड़क बनी बदहाली की मिसाल, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर उठे सवाल
सुनील चौरसिया डिप्टी मंडल
ब्यूरो अयोध्या श्री न्यूज़ 24
तिलोई (अमेठी)। विकास खंड सिंहपुर क्षेत्र में शिवरतनगंज से माहिया सिंदुरिया मार्ग, शुक्लन पुरवा, गोयन, पेड़रिया, रायपुर, अच्छई, लाही बॉर्डर होते हुए कुकहा रामपुर तक जाने वाली मुख्य सड़क बदहाली की चरम स्थिति में पहुंच गई है। लगभग तीन लाख की आबादी को जोड़ने वाला यह महत्वपूर्ण मार्ग जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुका है। बरसात के कारण गड्ढों में पानी भर जाने से सड़क तालाब जैसी दिखाई दे रही है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों, मरीजों और वाहन चालकों को रोजाना भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि इस सड़क का निर्माण करीब तीन वर्ष पहले कराया गया था, लेकिन निर्माण के महज 15 दिन बाद ही सड़क उखड़ने लगी। आज स्थिति यह है कि अधिकांश स्थानों पर डामर का नामोनिशान तक नहीं बचा है। ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की गई, जिसके कारण करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क टिक नहीं सकी।ग्रामीणों का कहना है कि इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं, लेकिन सड़क की मरम्मत की ओर न तो संबंधित विभाग ध्यान दे रहा है और न ही क्षेत्र के जनप्रतिनिधि। लोगों का आरोप है कि क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि इस गंभीर समस्या पर मौन हैं, जबकि चुनाव के समय इसी सड़क से होकर जनता के बीच पहुंचे थे।प्रदेश सरकार जहां प्रदेश की सड़कों को गड्ढा मुक्त बनाने का दावा करती है, वहीं इस मार्ग की जर्जर स्थिति उन दावों की हकीकत बयां कर रही है।ग्रामीणों ने लोक निर्माण विभाग से सड़क की गुणवत्ता की जांच कर दोषी अधिकारियों और ठेकेदार के विरुद्ध कार्रवाई करने तथा शीघ्र सड़क का पुनर्निर्माण कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।

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