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शादी अनुदान योजना को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक

 शादी अनुदान योजना को लेकर जिलाधिकारी ने की समीक्षा बैठक



शादी अनुदान योजना के लंबित आवेदनों का तीन दिन में निस्तारण करें: जिलाधिकारी


मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह एवं अभ्युदय योजना की भी हुई समीक्षा, अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश


अमेठी। जिलाधिकारी संजय चौहान की अध्यक्षता में आज कलेक्ट्रेट सभागार में समाज कल्याण विभाग एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित शादी अनुदान योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में योजना की प्रगति, लंबित आवेदनों की स्थिति तथा पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध लाभ उपलब्ध कराने के संबंध में विस्तृत चर्चा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि योजना के अंतर्गत प्राप्त सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे पात्र लाभार्थियों को समय से आर्थिक सहायता उपलब्ध हो सके। बैठक में जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विकास मौर्य ने योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि शादी अनुदान योजना के अंतर्गत सामान्य वर्ग, अन्य पिछड़ा वर्ग एवं अनुसूचित जाति के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की पुत्रियों के विवाह हेतु 20 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए आवेदक को ऑनलाइन पोर्टल https://shadianudan.upsdc.gov.in पर आवेदन करना होता है तथा विवाह कार्ड, बैंक पासबुक की प्रति सहित आवश्यक अभिलेख अपलोड कर आवेदन को अंतिम रूप से सबमिट करना अनिवार्य है। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन आवेदन का प्रिंटआउट आधार कार्ड, आय प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, वर एवं कन्या के आयु प्रमाण पत्र सहित अन्य आवश्यक अभिलेखों के साथ सुरक्षित रखना आवश्यक है, ताकि सत्यापन प्रक्रिया में किसी प्रकार की कठिनाई न हो। बैठक में बताया गया कि योजना के लिए सामान्य वर्ग एवं अनुसूचित जाति के ग्रामीण क्षेत्र के आवेदकों की वार्षिक आय 46,080 रुपये तथा शहरी क्षेत्र के आवेदकों की वार्षिक आय 56,460 रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। वहीं अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों की वार्षिक आय एक लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि आवेदन विवाह की निर्धारित तिथि से 90 दिन पूर्व से लेकर 90 दिन बाद तक किया जा सकता है। एक परिवार अधिकतम दो पुत्रियों के विवाह हेतु योजना का लाभ प्राप्त कर सकता है। साथ ही विवाह के समय कन्या की आयु कम से कम 18 वर्ष होना अनिवार्य है। पति की मृत्यु के उपरांत निराश्रित महिलाओं एवं दिव्यांग आवेदकों को प्राथमिकता प्रदान की जाती है। जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में योजना के अंतर्गत कुल 565 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 245 आवेदन अग्रसारित किए जा चुके हैं, जबकि 300 आवेदन विभिन्न स्तरों पर लंबित हैं। उन्होंने बताया कि आवेदन प्राप्त होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में संबंधित खंड विकास अधिकारी तथा शहरी क्षेत्रों में उपजिलाधिकारी द्वारा सत्यापन एवं जांच की जाती है, जिसके उपरांत आवेदन अग्रसारित किए जाते हैं।

लंबित आवेदनों की संख्या पर गंभीरता व्यक्त करते हुए जिलाधिकारी ने सभी संबंधित खंड विकास अधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि तीन दिन के भीतर सभी लंबित आवेदनों की जांच पूर्ण कर उन्हें अग्रसारित किया जाए, ताकि जनपद स्तर पर रैंडम जांच की प्रक्रिया समय से पूरी की जा सके और पात्र लाभार्थियों को लाभ मिलने में अनावश्यक विलंब न हो। बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना तथा मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की भी समीक्षा की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि दोनों योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा पात्र लाभार्थियों एवं विद्यार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक पारदर्शी एवं समयबद्ध तरीके से पहुंचाना प्रशासन की प्राथमिकता है। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ज्योति सिंह, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी विकास मौर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी आर.एन. यादव, समस्त उपजिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी तथा अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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