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उत्तर प्रदेश के सभी उचित दर विक्रेता 5 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, राशन वितरण ठप; विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से लिखित आदेश की मांग

 उत्तर प्रदेश के सभी उचित दर विक्रेता 5 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, राशन वितरण ठप; विभिन्न मांगों को लेकर सरकार से लिखित आदेश की मांग



लखनऊ/अमेठी। उत्तर प्रदेश के सभी उचित दर विक्रेता (कोटेदार) अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर 5 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं। ऑल इंडिया फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन के आह्वान पर प्रदेशभर में राशन वितरण का बहिष्कार किया जा रहा है। कोटेदारों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक राशन वितरण शुरू नहीं किया जाएगा।हड़ताल के समर्थन में प्रदेश के सभी जनपदों में कोटेदार यूनियन के जिलाध्यक्षों ने जिलाधिकारी (डीएम) को ज्ञापन सौंपकर सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाई हैं। ज्ञापन में कोटेदारों ने बढ़ती महंगाई, कम कमीशन और न्यूनतम आय की गारंटी सहित कई समस्याओं का उल्लेख करते हुए शीघ्र समाधान की मांग की है।कोटेदारों का कहना है कि वर्तमान में उन्हें राशन वितरण पर मिलने वाला कमीशन उनकी आजीविका के लिए पर्याप्त नहीं है। उनका कहना है कि इतनी कम आय में परिवार का भरण-पोषण, बच्चों की पढ़ाई, दवा, बिजली बिल और अन्य घरेलू खर्च पूरे करना मुश्किल हो गया है। उनका यह भी कहना है कि देश के कई राज्यों में उचित दर विक्रेताओं को उत्तर प्रदेश की तुलना में अधिक कमीशन अथवा न्यूनतम आय की गारंटी दी जा रही है, जबकि उत्तर प्रदेश के कोटेदार लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि यह आंदोलन अचानक नहीं शुरू हुआ है। इससे पहले भी प्रदेशभर के हजारों कोटेदार लखनऊ में एकत्र होकर अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन कर चुके हैं और सरकार के समक्ष अपनी नाराजगी व्यक्त की थी। उस दौरान भी कमीशन बढ़ाने, न्यूनतम आय की गारंटी तथा अन्य मांगों पर सकारात्मक निर्णय की उम्मीद जताई गई थी, लेकिन मांगों पर कोई ठोस और लिखित निर्णय न होने के कारण अब प्रदेशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया गया है।

अमेठी सहित कई जिलों में कोटेदारों ने बैठक कर आंदोलन की रणनीति बनाई और अगस्त माह के राशन वितरण का बहिष्कार करने का निर्णय लिया। कोटेदारों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर शासन स्तर से लिखित आदेश जारी नहीं किया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो प्रदेश के लाखों राशन कार्ड धारकों को समय पर खाद्यान्न मिलने में कठिनाई हो सकती है।कोटेदार यूनियन ने सरकार से वार्ता कर शीघ्र समाधान निकालने की अपील करते हुए कहा है कि उनका आंदोलन किसी के खिलाफ नहीं, बल्कि सम्मानजनक आजीविका और अपने अधिकारों की मांग को लेकर है।


यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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