अमेठी: जायस नगर पालिका के वार्ड नंबर सात में नाला निर्माण पर गंभीर सवाल, पानी-कीचड़ में खड़ी की जा रही दीवार, मानकों की अनदेखी का आरोप
अमेठी: जायस नगर पालिका के वार्ड नंबर सात में नाला निर्माण पर गंभीर सवाल, पानी-कीचड़ में खड़ी की जा रही दीवार, मानकों की अनदेखी का आरोप
अमेठी। जायस नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर सात मौल्वी खुर्द में कराए जा रहे नाला निर्माण को लेकर स्थानीय नागरिकों ने गंभीर सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर पानी और कीचड़ भरा होने के बावजूद निर्माण कार्य जारी है और इसी स्थिति में नाले की दीवार खड़ी किए जाने की बात सामने आ रही है।स्थानीय लोगों के अनुसार नाले में डाले जा रहे सरिया के जाल में करीब 10 से 15 इंच की दूरी रखे जाने का आरोप है। लोगों का कहना है कि निर्माण की मजबूती के लिए बेस, सरिया, कंक्रीट और लिंटर की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए, लेकिन मौके पर जिस तरह से काम कराया जा रहा है, उससे निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण स्थल पर पानी और कीचड़ की स्थिति साफ दिखाई देने के बावजूद उसे हटाकर या बेस को उचित तरीके से तैयार किए बिना ही नाले की दीवार खड़ी की जा रही है। लोगों को आशंका है कि यदि निर्माण इसी तरह कराया गया तो आने वाले समय में दीवार कमजोर होकर क्षतिग्रस्त हो सकती है और सरकारी धन खर्च होने के बाद भी जनता को टिकाऊ सुविधा नहीं मिल पाएगी।ठेकेदार को बार-बार काम मिलने पर भी उठे सवाल स्थानीय नागरिकों ने जायस नगर पालिका की ठेकेदारी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि एक ही ठेकेदार को नगर पालिका की ओर से लगातार और अधिकांश विकास कार्य दिए जाने की चर्चा है। नागरिकों ने मांग की है कि संबंधित ठेकेदार को पिछले वर्षों में दिए गए कार्यों, टेंडर प्रक्रिया, कार्यादेश, भुगतान और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जाए।लोगों का कहना है कि यदि किसी ठेकेदार को बार-बार कार्य मिल रहे हैं तो यह भी स्पष्ट होना चाहिए कि सभी कार्य नियमानुसार टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से दिए गए हैं या नहीं। इसके अलावा संबंधित ठेकेदार द्वारा पूर्व में कराए गए कार्यों की गुणवत्ता की भी तकनीकी जांच कराई जानी चाहिए।अधिकारियों की भूमिका पर भी सवालस्थानीय लोगों ने नगर पालिका के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। लोगों का आरोप है कि संबंधित महिला जेई की निगरानी में निर्माण कार्य कराया जा रहा है, लेकिन मौके पर निर्माण की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों की प्रभावी निगरानी नहीं दिखाई दे रही है।
स्थानीय नागरिकों ने यह भी आरोप लगाया है कि संबंधित ठेकेदार से कथित तौर पर मोटी रकम की उगाही किए जाने की चर्चा क्षेत्र में है। लोगों का कहना है कि यदि इस तरह की कोई अनियमितता हो रही है तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। हालांकि, कथित रकम की उगाही और अधिकारियों की मिलीभगत संबंधी आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले में नगर पालिका प्रशासन, संबंधित जेई और ठेकेदार का पक्ष सामने आना बाकी है।
निर्माण कार्य की तकनीकी जांच की मांगनागरिकों ने जिलाधिकारी अमेठी और संबंधित उच्चाधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि मौके पर किसी स्वतंत्र तकनीकी टीम को भेजकर नाला निर्माण की जांच कराई जाए। जांच टीम द्वारा नाले की नींव, बेस, दीवार की मोटाई, सरिया की दूरी और गुणवत्ता, कंक्रीट की गुणवत्ता, लिंटर तथा इस्तेमाल की जा रही निर्माण सामग्री की जांच की जाए।इसके साथ ही नगर पालिका द्वारा संबंधित ठेकेदार को पूर्व में दिए गए सभी कार्यों की सूची तैयार कर उनकी भी तकनीकी जांच कराए जाने की मांग की गई है। यदि किसी पूर्व निर्माण कार्य में भी कमी पाई जाती है तो उसकी जिम्मेदारी तय कर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।सरकारी धन की बर्बादी रोकने की मांगस्थानीय लोगों का कहना है कि नगर पालिका क्षेत्र में होने वाले विकास कार्यों में सरकारी धन खर्च होता है, जो जनता के टैक्स और सरकारी बजट से आता है। ऐसे में निर्माण कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या मानकों की अनदेखी को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।नागरिकों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक यदि निर्माण में प्रथम दृष्टया गंभीर खामियां पाई जाती हैं तो संबंधित कार्य की गुणवत्ता की जांच कराए बिना भुगतान न किया जाए। यदि निर्माण मानकविहीन पाया जाता है तो जिम्मेदार ठेकेदार से नियमानुसार जवाबदेही तय की जाए और आवश्यक होने पर खराब निर्माण को हटाकर गुणवत्तापूर्ण तरीके से दोबारा कराया जाए।स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन से यह भी मांग की है कि जायस नगर पालिका में ठेकेदारों को दिए जाने वाले कार्यों की पारदर्शिता, टेंडर प्रक्रिया और अधिकारियों की भूमिका की व्यापक जांच कराई जाए, ताकि यदि कहीं कोई अनियमितता है तो वह सामने आ सके।अब देखने वाली बात यह होगी कि जायस नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन वार्ड नंबर सात मौल्वी खुर्द में चल रहे नाला निर्माण का मौके पर निरीक्षण कराकर तकनीकी जांच कराता है या नहीं। स्थानीय लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन मामले को गंभीरता से लेते हुए निष्पक्ष जांच कराएगा और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित ठेकेदार, अधिकारी या कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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