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विद्यायक रोमी साहनी की मांग पर सुहेली नदी सफ़ाई से पुर्व वैज्ञानिक सर्वेक्षण को स्वीकृत कर ट्रांसफर किए गए करीब 87 लाख रूपए

 विद्यायक रोमी साहनी की मांग पर सुहेली  नदी सफ़ाई से पुर्व  वैज्ञानिक सर्वेक्षण को  स्वीकृत  कर ट्रांसफर किए गए करीब 87 लाख रूपए


श्री न्यूज 24

डीपी मिश्रा

पलियाकलां (खीरी)। दुधवा टाइगर रिजर्व के जंगल के वन्यजीवो के लिए लाइफ लाइन कही जाने वाली  सुहेली नदी में नेपाल से आने वाली  मिट्टी और बालू  का जमाव होने के कारण नदी  के पानी बहाव थम जाने से उसका स्वरुप बदल गया है। इसके कारण प्रतिवर्ष वर्षा सीजन में  पानी निकास बंद होने से नदी में आने वाली बाढ़ से  जंगल संग  उसके करीबी खेतीहर जमीन की सैकड़ों एकड़ फसल बर्बाद हो जाती है। इस विकट समस्या के समाधान के लिए  नदी की डिडिल्टिंग यानी सफ़ाई खुदाई आवश्यक हो गई है, इसके लिए पलिया विद्यायक रोमी साहनी बीते कई साल से लगातार प्रयास कर रहे थे, इसके चलते बीते दिवस लखनऊ में हुई एक उच्च स्तरीय मीटिंग मे  शामिल हुए  विद्यायक रोमी साहनी द्वारा सुहेली की डिडिल्टिंग करवाने का मुद्दा जोरशोर से गंभीरता पूर्वक उठा ते हुए समाधान करवाने की बात कही, इस पर मीटिंग में  सुहेली नदी की डिसिल्टिंग करवाने से पूर्व नदी  की सफ़ाई खुदाई से पर्यावरण पर होने वाले प्रभाव आदि संग नदी की डिसिल्टिंग के वैज्ञानिक  स्टडी (सर्वेक्षण)करवाए जाने की  सहमति बन जाने पर उसमे खर्च होने वाले बजट की मंजूरी भी दी गई। इसके लिए  करीब 87 लाख रूपए की धनराशि भी सरकार ने  संबंधित विभाग को ट्रांसफर  करवा दिए।

 जानकारी के  अनुसार  मंत्री पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की अध्यक्षता में मुख्य वन संरक्षक एवं फील्ड डायरेक्टर दुधवा टाइगर रिजर्व लखीमपुर खीरी (दुधवा बाघ संरक्षण फाउंडेशन) के शासी निकाय की बैठक वन मुख्यालय लखनऊ स्थित पारिजात सभाकक्ष में सम्पन्न हुई। जिसमे विधयक रोमी सहनी द्वारा  सुहेली  नदी की डिसिल्टिंग करवाने के लिए गंभीरता पूर्वक उठाए गए मुद्दे पर सहमति बन जाने के बाद


सरकार  द्वारा 86,76000 छियासी लाख छिहत्तर हजार रुपए की धनराशि को ट्रान्सफर करके सुहेली नदी की विज्ञानिको द्वारा स्टडी कराकर, तत्पश्चात सुहेली नदी की डिसिल्टिंग कराकर सुहेली नदी को उसके मूल स्वरूप से जोड़ दिया जाएगा।

उल्लेखणीय है कि पलिया विधायक रोमी साहनी द्वारा सराहनीय प्रयास किया गया इसके लिए किसानो ने उनके प्रति आभार जताया। वैज्ञानिक स्टडी के बाद सुहेली नदी की डिडिल्टिंग होने पर ज सुहेली नदी को मूल स्वरूप  में प्रवाहित होने से उसके करीबी किसानों को अनचाही बाढ़ की   बरबादी से निजात मिल जाएंगी

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