सबसे पहले मैं समाज के लिए हूँ :डॉ॰ संजय निषाद
सबसे पहले मैं समाज के लिए हूँ :डॉ॰ संजय निषाद
श्री न्यूज़ 24/अदिति न्यूज़
संजय सिंह
लखनऊ। कल गोरखपुर का एक वीडियो मैंने सोशल मीडिया पर देखा, यहाँ मौजूद अधिकतर निषाद भाइयों ने वो वीडियो देखा होगा कि किस प्रकार सामंतवादी लोग निषाद समाज के लोगों को थप्पड़ और गाली-गलौच कर रहे हैं। मेरा व्यक्तिगत तौर पर मानना है कि पार्टी हित और गठबंधन हित बाद में देखा जाएगा, किंतु मैं अपने समाज के लिए पहले खड़ा हूँ। मैंने कल जब वीडियो देखा तो मैं रास्ते में था, मैं अयोध्या से गोरखपुर जा रहा था। मुझसे वो वीडियो देखने के बाद रहा नहीं गया, मैंने तुरंत राम नगीना साहनी को फ़ोन मिलाया। मैं जानता था कि वो मेरा फ़ोन नहीं उठाएँगे क्योंकि उनको पार्टी का डर होगा।
अरे मैं कहता हूँ कि कौन सा डर, जिस पार्टी में आपने अपना पूरा जीवन निकाल दिया, जिस पार्टी का झंडा गोरखपुर में उठाने के जब यादव समाज भी आगे नहीं आता था, तब निषाद समाज के बेटे यानी आपने झंडा उठाया और आज आपको थप्पड़ मार दिया गया। गाली दी गई। ये गाली आपको नहीं दी है, ये गाली डॉ. संजय और निषाद समाज को दी गई है। वो थप्पड़ आपके गाल पर नहीं, निषाद समाज के गाल पर पड़ा है और इसका फल हम इन सामंती लोगों को सबक सिखाकर ही लेंगे।
मैं आज इस मंच के माध्यम से कह रहा हूँ, मैं समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी का विरोधी नहीं हूँ, किंतु इस दोनों पार्टियों में जो निषाद नेता हैं, उन्होंने एक शब्द नहीं बोला। मैं इस दबाव की सोच का विरोधी हूँ। यहाँ के सांसद निषाद हैं, जब चुनाव लड़ रहे थे तो उन्होंने मुझसे कितनी मिन्नतें माँगी थीं कि डॉ. साहब, आप प्रचार करने सुल्तानपुर मत आना, और मैंने उनकी बात को माना। मैंने अपने गठबंधन को कह दिया था कि मैं केवल नामांकन सभा में जा सकता हूँ, किंतु मैंने अपने खून को हराने के लिए नहीं जाऊँगा। किंतु आज वो सांसद राम नगीना साहनी पर एक शब्द नहीं बोले, उनसे मिले नहीं गए। मैं कहता हूँ, सांसद यहाँ से बने हो, किंतु आपका घर गोरखपुर है, उसकी ही शर्म कर लेते। एक और सांसद बगल से जीते हैं, वो भी कुछ नहीं बोले। एक समाजवादी पार्टी की महिला नेता है, जो हैं तो ब्राह्मण, किंतु शादी निषाद में करने के बाद से निषाद बन गई है। वो कल उस प्रेस वार्ता में थी और मैंने सुना, वो कह रही थी कि मेरा मुँह दूसरी तरफ़ था। अरे लानत है ऐसी राजनीति पर, जहाँ तुम थे भी, खा लो और मुँह से बोल भी ना पाओ। महिला नेता ने तो चूड़िया पहनी होगी मैं निषाद पार्टी की महिला नेताओं से कहूँगा की सभी निषाद नेताओं को जो पाके जिले में हैं उनको चूड़िया भेजे और मैं अपनी पत्नी से भी कहूँगा की आप यहाँ के सांसद के गोरखपुर आवास पर चूड़िया भिजवाने का काम करना।
मैं आज इस मंच के माध्यम से एक खुलासा करना चाहता हूँ कि मैंने तत्काल समाजवादी पार्टी के ऊपर बैठे नेताओं से बात की। कहा कि अगर आप अपने सामंती नेता पर मुक़दमा नहीं करवाते हैं तो मैं कल आपका घर और ऑफिस घेरने आऊँगा। जिसके बाद उन्होंने मेरी बात मानी और उन्होंने कार्रवाई की। अभी रैली में आ रहा था तो एक बड़े समाजवादी नेता का फ़ोन आया, आपकी बात मान ली गई है। अपना धरना और घेराव रोक दीजिएगा। ये ताक़त है निषाद समाज और निषाद पार्टी की है।
मंच पर जानकीनंदन बैठी हैं, मैं इनसे पूछना चाहता हूँ कि अगर तुम्हारे सामने किसी निषाद नेता को कोई थप्पड़ मार दे तो क्या करोगी।
आज ये जो दलाल नेता कहते हैं डॉ साहब दूसरे समाज को टिकट बेच देते हैं, तो सुन लो मेरे समाज के लोगो ने बड़े दिनों तक दूसरे समाज की सेवा की है आज ये पंडित जी और ठाकुर भाई जो निषाद पार्टी से जुड़े हैं वो आपका सम्मान करते हैं वो मेरे लिए सुखदायक है। जो हमारी पार्टी का झंडा उठाए वो भाई है जो विरोध करे कसाई है।

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