गोवंश संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य : डीएम
गोवंश संरक्षण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, गौशालाओं में सीसीटीवी कैमरे लगाना अनिवार्य : डीएम
गो आश्रय स्थलों में चारा, पानी, शेड और पशु चिकित्सा सुविधाओं की नियमित निगरानी करें अधिकारी
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
अमेठी। जनपद में निराश्रित गोवंशों के संरक्षण, उनकी समुचित देखभाल तथा गो आश्रय स्थलों में आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित करने के लिए जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने गुरुवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में गो संरक्षण अनुश्रवण एवं मूल्यांकन समिति की बैठक की। बैठक में जिलाधिकारी ने गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाओं, गोवंशों की सुरक्षा, चारा-पानी की उपलब्धता, पशु चिकित्सा सुविधाओं तथा संरक्षण संबंधी कार्यों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।बैठक में जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन विकासखंडों में निराश्रित गोवंशों को पकड़ने के लिए कैटल कैचर की सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां जल्द से जल्द इसकी खरीद सुनिश्चित की जाए, ताकि सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर घूम रहे निराश्रित गोवंशों को सुरक्षित रूप से गो आश्रय स्थलों तक पहुंचाया जा सके। उन्होंने मृत गोवंशों के निस्तारण के लिए उपयुक्त भूमि चिह्नित करने तथा निर्धारित मानकों के अनुरूप सुव्यवस्थित निस्तारण व्यवस्था विकसित करने के निर्देश भी दिए। साथ ही, सभी गो आश्रय स्थलों में सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाने पर जोर दिया, जिससे वहां की व्यवस्थाओं और गोवंशों की देखभाल की प्रभावी निगरानी की जा सके। जिलाधिकारी ने सभी नोडल अधिकारियों से जनपद की गोशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लेते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक गो आश्रय स्थल पर पर्याप्त मात्रा में हरा चारा, भूसा और पशु आहार उपलब्ध रहे। गोवंशों के लिए स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित शेड तथा अन्य आवश्यक सुविधाओं की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि मौसम के अनुरूप गोवंशों की सुरक्षा और देखभाल में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी खंड विकास अधिकारियों, नोडल अधिकारियों एवं पशु चिकित्साधिकारियों को नियमित रूप से गो आश्रय स्थलों का निरीक्षण करने और वहां की व्यवस्थाओं पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए। पशु चिकित्सकों से कहा कि वे गौशालाओं का नियमित भ्रमण कर बीमार एवं कमजोर गोवंशों का समय से उपचार करें और उनके स्वास्थ्य की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करें। निरीक्षण के दौरान मिलने वाली कमियों को प्राथमिकता के आधार पर दूर कराया जाए। बैठक में जिलाधिकारी ने स्वयंसेवी संस्थाओं (एनजीओ) द्वारा संचालित गोशालाओं की व्यवस्थाओं की भी समीक्षा की और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि गो आश्रय स्थलों का संचालन करने वाली सभी संस्थाओं को गोवंशों की देखभाल, भोजन, पेयजल, सुरक्षा एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्थाओं का निर्धारित मानकों के अनुरूप पालन करना होगा। उन्होंने गोवंशों की सुपुर्दगी एवं भुगतान की स्थिति की समीक्षा करते हुए सहभागिता योजना को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए। कहा कि शासन की निर्धारित गाइडलाइन के अनुसार पात्र व्यक्तियों को गोवंश सुपुर्द किए जाएं और भुगतान संबंधी सभी प्रक्रियाएं समयबद्ध रूप से पूरी की जाएं, जिससे निराश्रित गोवंशों के संरक्षण को और अधिक मजबूती मिल सके। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को क्षेत्रीय भ्रमण बढ़ाने के निर्देश देते हुए कहा कि यदि कोई निराश्रित गोवंश खुले में घूमता मिले, तो उसे तत्काल निकटतम गो आश्रय स्थल में संरक्षित कराया जाए। इसके साथ ही पशुपालकों को जागरूक कर उन्हें अपने गोवंशों को बेसहारा न छोड़ने के लिए प्रेरित किया जाए। जानबूझकर गोवंशों को खुले में छोड़ने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने गोशालाओं में अभिलेखों एवं रजिस्टरों का सुव्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित करने पर भी बल दिया। निर्देश दिया कि निरीक्षण करने वाले अधिकारी अपनी टिप्पणियां संबंधित रजिस्टर में अनिवार्य रूप से दर्ज करें और निरीक्षण में पाई गई कमियों के निस्तारण की नियमित समीक्षा करें। जिलाधिकारी ने कहा कि गोवंश संरक्षण एवं गो आश्रय स्थलों की व्यवस्थाएं शासन की प्राथमिकताओं में शामिल हैं और इनकी समीक्षा मुख्यमंत्री एवं शासन स्तर से लगातार की जा रही है। ऐसे में सभी संबंधित अधिकारी इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए अपनी जिम्मेदारियों का प्रभावी ढंग से निर्वहन करें। उन्होंने चेतावनी दी कि गोवंशों की देखभाल, संरक्षण एवं गौशालाओं की व्यवस्थाओं में लापरवाही या उदासीनता पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. जी.के. शुक्ला सहित समस्त खंड विकास अधिकारी, पशु चिकित्सा अधिकारी एवं संबंधित नोडल अधिकारी उपस्थित रहे

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