अमेठी में जमीनी विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट का आरोप, महिला और पति घायल,पुलिस पर मेडिकल न कराने का आरोप
अमेठी में जमीनी विवाद को लेकर घर में घुसकर मारपीट का आरोप, महिला और पति घायल,पुलिस पर मेडिकल न कराने का आरोप
इन्हौना थाना क्षेत्र के चिलौली गांव में लाठी-डंडों से हमले का मामला, पीड़िता ने थाना प्रभारी को दी लिखित शिकायत
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
तिलोई,अमेठी इन्हौना थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चिलौली में जमीनी विवाद को लेकर घर में घुसकर महिला, उसके पति और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है। पीड़िता संगीता पत्नी हरीश ने इन्हौना थाना प्रभारी को लिखित शिकायती पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।पीड़िता के मुताबिक, घटना 4 अक्टूबर 2026 को सुबह करीब 10:30 बजे की है। बताया गया कि जमीन से जुड़े विवाद को लेकर महिलाओं के बीच कहासुनी हो रही थी। इसी दौरान विवाद बढ़ गया और आरोप है कि विजय चंद्र, दीक्षित, दुर्गेश दीक्षित, आकांक्षा दीक्षित और लल्ली दीक्षित सहित अन्य लोग लाठी-डंडों से लैस होकर उनके घर में घुस आए।
संगीता का आरोप है कि विपक्षी लोगों ने घर के गेट के अंदर घुसकर उनके और उनके पति के साथ मारपीट की। हमले में उनके हाथ में चोट आई, जबकि उनके पति हरीश के हाथ में भी चोट लगने की बात कही गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि उनके परिवार के महिला, पुरुष और बुजुर्ग सदस्यों के साथ भी मारपीट की गई।
पीड़ित पक्ष का कहना है कि विवाद के दौरान लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे परिवार के लोग चोटिल हुए और घर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।शिकायती पत्र में एक मोबाइल फोन का भी उल्लेख किया गया है। पीड़िता के अनुसार, पवन चंद्र दीक्षित जब घर में घुस कर मारपीट कर रहे थे तभी मोबाइल घर में छूट गया है। इस संबंध में भी जांच किए जाने की मांग की गई है।पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल मामले में पीड़िता ने पुलिस की प्रारंभिक कार्रवाई को लेकर भी सवाल उठाए हैं। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत दिए जाने के बावजूद अब तक उनका मेडिकल परीक्षण नहीं कराया गया है। चोटिल होने का दावा करने वाले परिवार को चिकित्सकीय परीक्षण की सुविधा न मिलने से पीड़ित पक्ष में नाराजगी बताई जा रही है।अब सवाल यह उठता है कि यदि मारपीट में महिला और उसके पति को चोटें आई हैं, तो उनका चिकित्सकीय परीक्षण कराकर मामले की निष्पक्ष जांच कब शुरू की जाएगी?पीड़िता संगीता ने थाना प्रभारी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराते हुए आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
फिलहाल मामले में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। पुलिस की जांच और मेडिकल परीक्षण के बाद ही घटना से जुड़े तथ्यों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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