दुर्गा पूजा की आड़ में रातोंरात हुए अवैध निर्माण पर NHAI का बड़ा प्रहार, NH-330A पर अतिक्रमणकारियों को थमाए जा रहे नोटिस!
दुर्गा पूजा की आड़ में रातोंरात हुए अवैध निर्माण पर NHAI का बड़ा प्रहार, NH-330A पर अतिक्रमणकारियों को थमाए जा रहे नोटिस!
श्री न्यूज़ 24 से अयोध्या मंडल ब्यूरो प्रमुख शुकुल बाजार अमेठी से रामधनी शुक्ला
अयोध्या मंडल से बड़ी खबरकुमारगंज में राष्ट्रीय राजमार्ग की जमीन पर कब्जे का मामला गरमाया, जनप्रतिनिधियों की चुप्पी, पुलिस सुरक्षा और NHAI की पेट्रोलिंग व्यवस्था पर उठे थे गंभीर सवाल
तीन दिन का अल्टीमेटम, 6 नवंबर से हटेगा अवैध कब्जा; नहीं माने तो बलपूर्वक कार्रवाई, अब देखना होगा कि नोटिस के बाद बुलडोजर कब गरजेगा
कुमारगंज, अयोध्या। राष्ट्रीय राजमार्ग-330ए पर अवैध अतिक्रमण और रातोंरात खड़े किए गए निर्माणों को लेकर आखिरकार भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) का रुख सख्त होता दिखाई दे रहा है। दुर्गा पूजा के दौरान कुमारगंज बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर कथित तौर पर रातोंरात हुए अवैध निर्माण और अतिक्रमण को लेकर पूर्व में प्रकाशित खबरों के बाद अब प्राधिकरण हरकत में आया है। मामले को संज्ञान में लेते हुए NHAI ने राष्ट्रीय राजमार्ग-330ए के किनारे अतिक्रमण करने वालों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। बुधवार को कुमारगंज क्षेत्र में अवैध कब्जे हटाने के लिए संबंधित लोगों को नोटिस दी जा रही है। प्राधिकरण की इस कार्रवाई से राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर कब्जा जमाए बैठे लोगों में खलबली मच गई है।
दरअसल, दुर्गा पूजा के दौरान कुमारगंज बाजार में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे अचानक तेजी से हुए निर्माणों ने कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। आरोप था कि धार्मिक आयोजन और दुर्गा पूजा पंडालों की आड़ में राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर रातोंरात निर्माण खड़े कर दिए गए। इसके बाद बाजार क्षेत्र में अतिक्रमण का दायरा लगातार बढ़ता दिखाई दिया। लगभग दो किलोमीटर लंबे बाजार क्षेत्र में करीब एक किलोमीटर तक फुटपाथ और राष्ट्रीय राजमार्ग की सीमा पर अतिक्रमण की स्थिति सामने आई थी। हनुमान मंदिर के आसपास करीब 15 दुकानों के निर्माण, पुलिस स्टेशन के निकट टिनशेड वाले करीब 12 दुकानों के परिसर और अन्य स्थानों पर हुए निर्माण को लेकर भी सवाल उठाए गए थे।
इस पूरे प्रकरण में केवल अतिक्रमण ही नहीं, बल्कि जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों की भूमिका और चुप्पी पर भी सवाल खड़े हुए थे। स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा रही कि आखिर राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर खुलेआम निर्माण होते रहे और जिम्मेदार जनप्रतिनिधियों ने इस मामले में प्रभावी हस्तक्षेप क्यों नहीं किया? वहीं, पुलिस सुरक्षा व्यवस्था और NHAI की नियमित पेट्रोलिंग पर भी सवाल उठे थे कि यदि राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि पर लगातार निर्माण हो रहे थे तो समय रहते उन्हें रोका क्यों नहीं गया? क्या संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर थी कि रातोंरात निर्माण खड़े हो गए और किसी को भनक तक नहीं लगी? इन्हीं सवालों के बीच अब NHAI की नोटिस कार्रवाई को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जारी आधिकारिक दस्तावेज के मुताबिक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधीनस्थ राजमार्ग प्रशासन न्यायालय की ओर से जगदीशपुर-अयोध्या खंड के किलोमीटर 70.100 पर स्थित कुमारगंज क्षेत्र में किए गए कथित अवैध अतिक्रमण को लेकर नोटिस जारी किया गया है। नोटिस में संबंधित कब्जेदार को राष्ट्रीय राजमार्ग की भूमि से अतिक्रमण हटाने का निर्देश दिया गया है। दस्तावेज में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित अतिक्रमण से राष्ट्रीय राजमार्ग पर आम जनता के आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही है तथा सार्वजनिक संपत्ति प्रभावित हो रही है।
NHAI की ओर से जारी नोटिस में अतिक्रमणकारी को सूचना की तिथि से तीन दिनों के भीतर स्वयं अवैध कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्धारित समय में कब्जा नहीं हटाया गया तो 6 नवंबर 2026 से प्राधिकरण नियमानुसार कार्रवाई करेगा। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम की धारा 26(2) के तहत विधिक कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है। नोटिस में साफ कहा गया है कि संबंधित व्यक्ति स्वयं अतिक्रमण नहीं हटाता है तो प्राधिकरण बलपूर्वक अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर सकता है। इस दौरान होने वाला खर्च भी संबंधित अतिक्रमणकारी से वसूल किया जाएगा तथा कानून के तहत जुर्माने की कार्रवाई भी की जा सकती है।
प्राधिकरण ने अपने आदेश की प्रतिलिपि क्षेत्रीय अधिकारी उत्तर प्रदेश पूर्वी, जिलाधिकारी अयोध्या और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अयोध्या सहित संबंधित अधिकारियों को भी भेजी है, ताकि कार्रवाई के दौरान आवश्यक प्रशासनिक सहयोग और कानून-व्यवस्था सुनिश्चित की जा सके। अब यह मामला केवल नोटिस जारी करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग की पूरी सीमा का निष्पक्ष सर्वेक्षण कराकर सभी अवैध कब्जों पर समान कार्रवाई की जरूरत है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या NHAI की यह कार्रवाई वास्तव में अतिक्रमण मुक्त कुमारगंज बाजार की शुरुआत बनेगी या फिर कुछ नोटिस जारी होने के बाद मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा? क्या दुर्गा पूजा की आड़ में रातोंरात खड़े किए गए निर्माणों की भी जांच होगी? क्या जनप्रतिनिधि, पुलिस प्रशासन और NHAI अपनी-अपनी जिम्मेदारियों का जवाब देंगे? स्थानीय लोगों की निगाहें अब 6 नवंबर पर टिकी हैं। जनता को केवल नोटिस नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजमार्ग को अतिक्रमण मुक्त कराने की ठोस कार्रवाई चाहिए। अब देखना यह है कि NHAI की चेतावनी कागजों तक सीमित रहती है या फिर सड़क की जमीन पर कब्जा जमाने वालों के खिलाफ वास्तव में कार्रवाई का बुलडोजर चलता है।

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