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गोमती नदी में छोड़ी गई 2 लाख मत्स्य अंगुलिकाएं, जल संरक्षण व पर्यावरण संतुलन की दिशा में सराहनीय पहल।

गोमती नदी में छोड़ी गई 2 लाख मत्स्य अंगुलिकाएं, जल संरक्षण    व पर्यावरण संतुलन   की दिशा में सराहनीय पहल।



प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा   योजना के अंतर्गत मत्स्य विभाग ने किया कार्यक्रम काआयोजन।




श्री न्यूज़ 24 से अयोध्या मंडल ब्यूरो चीफ शुकुल बाजार अमेठी से रामधनी शुक्ला




जिलाअमेठी। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत   मत्स्य विभाग द्वारा आज ग्राम निजामुद्दीनपुर स्थित इसौली घाट पर गोमती नदी में लगभग 2.00 लाख मत्स्य अंगुलिकाएं (मछलियों के बच्चे) छोड़ी गईं। कार्यक्रम का शुभारंभ ब्लॉक प्रमुख मुसाफिरखाना के प्रतिनिधि विकान्त सिंह (विक्कू) द्वारा किया गया। इस पहल का मुख्य उद्देश्य गोमती नदी के जलीय पर्यावरण को संतुलित रखना, जल प्रदूषण को कम करना तथा नदी की स्वच्छता बढ़ाना है। इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख प्रतिनिधि ने बताया कि केंद्र एवं प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप नदी के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने हेतु विभिन्न प्रजातियों की मछलियों के बच्चे छोड़े गए हैं। ये मछलियां बड़ी होकर गोमती नदी में जल की गुणवत्ता सुधारने और प्रदूषण नियंत्रण में मदद करेंगी। कार्यक्रम में मुख्य कार्यकारी अधिकारी मत्स्य अमेठी, मत्स्य निरीक्षक अमेठी, एस.बी. सिंह (पूर्व मत्स्य उत्पादन विशेषज्ञ) सहित बड़ी संख्या में मत्स्य पालक उपस्थित रहे। इस दौरान मत्स्य विभाग के अधिकारियों द्वारा विभाग में संचालित विभिन्न योजनाओं — प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, मुख्यमंत्री मत्स्य संपदा योजना, निषादराज बोट सब्सिडी योजना, मत्स्य पालक कल्याण कोष योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई।

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