Click now

https://bulletprofitsmartlink.com/smart-link/41102/4

लखीमपुर खीरी में नवांगतुक एडीजी प्रवीण कुमार ने कानून व्यवस्था का जायजा लिया।

लखीमपुर खीरी में नवांगतुक एडीजी प्रवीण कुमार ने कानून व्यवस्था का जायजा लिया।


पुलिस लाइन सभागार में थानों में जमावड़ा लगाने वाले तथाकथित पत्रकारों से विचार विमर्श किया और अपना निजी फोन नंबर देकर कानून व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त बनाने का प्रयास बताया। एडीजी ने शासन की मंशा के अनुरूप अपराधों पर नियंत्रण और कानून व्यवस्था को मजबूत बनाने पर जोर दिया।

बचाने के लिए मंदबुद्धि नंदनी से वीडियो बनाकर सादे कागज पर अंगूठा छाप कर तहरीर ले ली, जबकि मृतका का बेटा अर्जुन गिड़गिड़ाता रहा। पुलिस ने उसकी एक नहीं सुनी और पिता को ही हत्यारा बनाकर जेल भेज दिया। यह घटना पुलिस की कार्यशैली पर बड़ा सवाल खड़ा करती है।


वहीं, कोतवाली निघासन के अंतर्गत ग्राम नकटहा में कक्षा 8 की छात्रा दलित 13 वर्षीय पिंकी को भूखे लवलेश ने बाग में दबोच कर हवस का शिकार बनाना चाहा था। बच्चों के शोर मचाने पर वह बच गई थी। निघासन पुलिस ने हल्की धाराओं में चालान कर अपनी जेब गर्म कर ली थी। चार दिन पूर्व जेल से छूटने के बाद लवलेश ने पिंकी से मिलकर कहा कि तुम्हारा आशिक आ गया है। पिंकी भयभीत हो गई और डर कर अपने घर में ही फांसी पर लटक गई। यह घटना पुलिस की निष्क्रियता और अपराधियों को बढ़ावा देने का जीता जागता उदाहरण है।


अब देखना यह है कि नवांगतुक एडीजी प्रवीण कुमार चरमराई कानून व्यवस्था को कैसे पटरी पर लाएंगे। क्या वे इन मामलों में न्याय दिला पाएंगे और पुलिस की कार्यशैली में सुधार ला पाएंगे? समय ही बताएगा कि वे अपने प्रयासों में कितने सफल होते हैं। लेकिन एक बात तो तय है कि लखीमपुर खीरी की जनता को अब न्याय की उम्मीद है और वे एडीजी प्रवीण कुमार से उम्मीद लगाए बैठे हैं।

कोई टिप्पणी नहीं