पट्टाशुदा भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, उप मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
पट्टाशुदा भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, उप मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
अमेठी। जनपद के तहसील तिलोई अंतर्गत ग्रामसभा इन्हौना में पट्टाशुदा भूमि को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। न्यायालय के स्पष्ट आदेशों के बावजूद स्थिति जस की तस बनी रहने से आक्रोशित ग्रामीणों ने अब प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को प्रार्थना पत्र भेजकर हस्तक्षेप की मांग की है।ग्रामीणों द्वारा भेजे गए प्रार्थना पत्र में उल्लेख किया गया है कि वर्ष 2009 में उन्हें सीलिंग भूमि का वैध पट्टा आवंटित किया गया था, जिस पर वे वर्षों से खेती करते आ रहे हैं। किंतु भूमि को लेकर उत्पन्न विवाद ने अब गंभीर रूप ले लिया है। मामले में अपर आयुक्त, लखनऊ मंडल द्वारा पहले ही स्थगन आदेश जारी करते हुए दोनों पक्षों को विवादित भूमि पर किसी भी प्रकार की खेती न करने के निर्देश दिए गए थे।इतना ही नहीं, इलाहाबाद उच्च न्यायालय लखनऊ खंडपीठ ने भी यथास्थिति बनाए रखने और भूमि के हस्तांतरण पर रोक लगाने का आदेश दिया है। इसके बावजूद आरोप है कि आदेशों की अनदेखी करते हुए विवादित भूमि पर कृषि कार्य जारी है, जिससे तनाव की स्थिति बनी हुई है।ग्रामीणों का कहना है कि इस संबंध में पूर्व में भी प्रशासन से शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ऐसे में उन्होंने उप मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाते हुए मांग की है कि न्यायालय के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो क्षेत्र में कानून-व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। उन्होंने प्रशासन से तत्काल कदम उठाने और शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है।इस प्रार्थना पत्र पर संजय कुमार, जितेंद्र मौर्य, लक्ष्मण मौर्य, संतू पासी, राधे, समई, शीतला देवी सहित कई ग्रामीणों के हस्ताक्षर हैं, जो न्याय की उम्मीद में प्रशासन की ओर देख रहे हैं।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद के साथ

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