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लखीमपुर खीरी में बांकेगंज बना छावनी, एसडीएम की लापरवाही ने सुलगाई 'आग'

लखीमपुर खीरी में बांकेगंज बना छावनी, एसडीएम की लापरवाही ने सुलगाई 'आग'



श्री न्यूज 24/अदिति न्यूज मण्डल रिपोर्टर चन्दन सोनी लखनऊ मण्डल लखीमपुर खीरी से 


तारीख: 14 अप्रैल 2026


 लखीमपुर खीरी के बांकेगंज क्षेत्र के मोतीपुर गांव में अंबेडकर जयंती पर हुआ विवाद अब एक बड़े प्रशासनिक और सुरक्षा संकट में बदल गया है। प्रतिमा स्थापना को लेकर शुरू हुआ टकराव हिंसक झड़प, पथराव और आगजनी तक पहुँच गया, जिसमें 20 से अधिक पुलिसकर्मी लहूलुहान हुए हैं।


हंगामे की 5 बड़ी बातें:


मैदान-ए-जंग बना मोतीपुर: खाद के गड्ढे वाली विवादित जमीन पर प्रतिमा रखने को लेकर दो पक्ष भिड़ गए। देखते ही देखते भीड़ ने पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया और सरकारी गाड़ियों को फूंक दिया।


SDM गोला की 'बड़ी लापरवाही':


 जब बांकेगंज जल रहा था, तब क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने वाली गोला एसडीएम बिना अनुमति जिला छोड़कर सीतापुर में थीं। संकट के समय उनका फोन स्विच ऑफ मिलना प्रशासन की बड़ी विफलता मानी जा रही है।


पुलिस बल पर हमला: 


उपद्रवियों ने सीओ (CO) गोला की गाड़ी समेत कई वाहनों को निशाना बनाया। हालात इतने बिगड़े कि मैलानी और गोला रेलवे स्टेशन से GRP और भारी पुलिस फोर्स को मोर्चा संभालना पड़ा।


प्रशासनिक 'गाज' गिरना तय: 


सूत्रों की मानें तो ड्यूटी से नदारद रहने और फोन बंद रखने वाली एसडीएम और कुछ अन्य अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई (सस्पेंशन तक) की तैयारी है। शासन ने इस चूक को बेहद गंभीरता से लिया है।


छावनी में तब्दील इलाका: 


वर्तमान में गांव में PAC और कई थानों की फोर्स तैनात है। डीएम और एसपी खुद मौके पर कैंप कर रहे हैं। उपद्रवियों की पहचान के लिए वीडियो फुटेज खंगाले जा रहे हैं

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