अमेठी में गूंजा धर्म और गौसंरक्षण का स्वर!
अमेठी में गूंजा धर्म और गौसंरक्षण का स्वर!
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की “रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा” का भव्य स्वागत, योगी सरकार पर साधा निशाना
अमेठी
सनातन धर्म, गौसंरक्षण और धर्म जागरण के संदेश के साथ निकली ज्योतिष पीठाधीश्वर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की “रक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा” सोमवार को अमेठी पहुंची, जहां श्रद्धालुओं और संत समाज ने उनका भव्य स्वागत किया। वैदिक मंत्रोच्चार, जयघोष और धार्मिक वातावरण के बीच शंकराचार्य ने गौरीगंज क्षेत्र के ख्यापुर में प्रस्तावित गौशाला का शिलान्यास किया तथा धर्म और संस्कृति की रक्षा का संकल्प दोहराया।
यात्रा के दौरान पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उत्साह और श्रद्धा का वातावरण देखने को मिला। संतों और श्रद्धालुओं की विशाल उपस्थिति के बीच शंकराचार्य ने 108 घंटे तक चलने वाले गौ रक्षा जागरण अभियान तथा 108 फीट ऊंची धर्म ध्वजा के लोकार्पण की घोषणा की। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति और गौमाता की रक्षा के लिए जनजागरण का महाअभियान है।पत्रकारों से बातचीत करते हुए शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने प्रदेश सरकार पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राज्य में गौ तस्करी और गौवंश की दुर्दशा चिंताजनक है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौरक्षा के नाम पर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर गायों की स्थिति दयनीय बनी हुई है।
उन्होंने कहा,
“सनातन धर्म की जड़ें गौमाता में निहित हैं। गौमाता को कष्ट पहुंचाना सनातन धर्म की आत्मा को आहत करने जैसा है। यदि गौमाता सुरक्षित नहीं हैं, तो हमारी संस्कृति और आस्था भी सुरक्षित नहीं रह सकती।”
शंकराचार्य ने कहा कि उनकी यह यात्रा किसी राजनीतिक उद्देश्य से नहीं, बल्कि धर्म, संस्कृति और राष्ट्र चेतना को जागृत करने के लिए निकाली गई है। उन्होंने समाज से आगे आकर गौसंरक्षण के लिए सहयोग देने की अपील की।
भव्य स्वागत से अभिभूत हुए श्रद्धालु
अमेठी पहुंचने पर जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शंकराचार्य का स्वागत किया। यात्रा के दौरान भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था। पारंपरिक वेशभूषा में उपस्थित संत-महात्माओं तथा स्थानीय नागरिकों ने धर्म ध्वजा और जयघोष के साथ यात्रा को ऐतिहासिक स्वरूप प्रदान किया।शंकराचार्य ने बताया कि ख्यापुर में बनने वाली गौशाला को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। इसके लिए “एक नोट अभियान” चलाकर आमजन से सहयोग लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि समाज के सामूहिक प्रयास से ऐसी गौशालाएं तैयार की जाएंगी, जहां निराश्रित गौवंश को सुरक्षित और सम्मानजनक संरक्षण मिल सके।
उन्होंने कहा कि गौसेवा केवल धार्मिक कार्य नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और मानवता की सेवा है। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संत, सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

Post a Comment