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कोठिया गांव में दो साल से अधूरी पड़ी पानी की टंकी, ग्रामीणों को पीना पड़ रहा आर्सेनिक युक्त गंदा पानी

कोठिया गांव में दो साल से अधूरी पड़ी पानी की टंकी, ग्रामीणों को पीना पड़ रहा आर्सेनिक युक्त गंदा पानी



श्री न्यूज़ 24/अदिति न्यूज़ 

राजू सिंह 

पलिया खीरी


लगातार बढ़ रही भीषण गर्मी से अब जनजीवन प्रभावित होता नजर आ रहा है। ऐसे में लोगों को सबसे ज्यादा पेयजल की आवश्यकता पड़ रही है, लेकिन ग्रामीण इलाकों में मुख्यमंत्री की हर घर नल योजना फेल होती नजर आ रही है। ऐसा ही एक मामला विकास खंड पलिया की ग्राम पंचायत कोठिया में सामने आया है, जहां पिछले दो साल से पानी की टंकी का निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है। गांव में अभी तक पानी की सप्लाई शुरू नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर जल्द से जल्द स्वच्छ पानी की सप्लाई शुरू करवाने की मांग की है।

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्होंने एक बार नहीं बल्कि कई बार जिलाधिकारी, उप जिलाधिकारी पलिया और अधिशासी अभियंता (जल निगम) को ज्ञापन सौंपकर स्वच्छ पानी की सप्लाई शुरू कराने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद काफी वक्त बीत जाने पर भी किसी जिम्मेदार अधिकारी ने इस समस्या का संज्ञान नहीं लिया। अधिकारियों के इसी ढुलमुल रवैये से परेशान होकर आखिरकार ग्रामीणों ने आज प्रदर्शन किया और सीधे मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है।ग्रामीणों और ग्राम प्रधान उमाशंकर द्वारा भेजे गए पत्र के अनुसार, जल निगम द्वारा कोठिया गांव में करीब दो साल से पानी की टंकी का निर्माण कराया जा रहा है। यहाँ बोरिंग, टैंक, बाउंड्री वॉल और सौर ऊर्जा प्लांट का फाउंडेशन तो बना दिया गया है, लेकिन सौर ऊर्जा की प्लेटें, पंप हाउस, मेन गेट, पाइपलाइन बिछाने और टंकी का कनेक्शन जोड़ने जैसे कई महत्वपूर्ण काम अभी भी अधूरे लटके हैं।ग्रामीणों का कहना है कि टंकी का काम अधूरा होने के कारण उन्हें पीने का साफ पानी नसीब नहीं हो रहा है। मजबूरी में पूरे गांव को गंदा और आर्सेनिक युक्त पानी पीना पड़ रहा है, जिससे लोगों में गंभीर बीमारियों का खतरा मंडरा रहा है। इस समस्या को लेकर ग्रामीणों में प्रशासन के प्रति काफी निराशा और आक्रोश है। ग्रामीणों ने पूर्व में एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में भी मांग की थी कि संबंधित अधिकारियों को निर्देशित कर जल्द से जल्द इस अधूरे काम को पूरा कराया जाए, ताकि ग्रामीणों को शुद्ध पेयजल मिल सके, लेकिन सुनवाई न होने पर अब मुख्यमंत्री से स्वच्छ पीने के पानी के लिए गुहार लगाई गई है।इस दौरान ग्राम प्रधान उमाशंकर संकटा रामानंद, छोटेलाल सुमित कुमार सोनू कुमाऱ दुर्गेश कुमार रामकुबेर अरविंद अभिषेक सीमा देवी मुकेश कुमार नीरज कुमार सहित भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

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