पैमाइश में साबित हुआ सरकारी रास्ते पर कब्जा, 23 दिन बाद भी कार्रवाई का इंतजार
पैमाइश में साबित हुआ सरकारी रास्ते पर कब्जा, 23 दिन बाद भी कार्रवाई का इंतजार
सुनील चौरसिया डिप्टी मंडल
ब्यूरो अयोध्या श्री न्यूज़ 24
अमेठी। तिलोई तहसील की जनापुर ग्रामसभा में सरकारी रास्ते की भूमि पर कब्जे का मामला प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज शिकायत संख्या 40020326011874 के आधार पर राजस्व विभाग द्वारा कराई गई पैमाइश में सरकारी भूमि पर कब्जे की पुष्टि हो चुकी है, लेकिन पैमाइश के 23 दिन बाद भी अतिक्रमण नहीं हटाया जा सका है। जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता आदर्श प्रताप सिंह ने ग्रामसभा जनापुर में रास्ते के खाते में दर्ज गाटा संख्या 413, रकबा 0.019 हेक्टेयर भूमि पर कब्जे की शिकायत जनसुनवाई पोर्टल पर दर्ज कराई थी। शिकायत के निस्तारण के लिए 18 मई 2026 को हल्का लेखपाल महेंद्र नाथ शुक्ला ने मौके पर पहुंचकर पैमाइश की। पैमाइश के दौरान गांव के करीब एक दर्जन ग्रामीण भी मौजूद रहे। जांच में पाया गया कि लगभग 0.0060 हेक्टेयर सरकारी रास्ते की भूमि पर हरीराम पुत्र राम आधार का कब्जा है। मौके पर ही लेखपाल ने कब्जाधारक को अतिक्रमण हटाने के लिए 15 दिन का समय दिया। ग्रामीणों के अनुसार, पैमाइश के बाद जब नोटिस देने का प्रयास किया गया तो संबंधित व्यक्ति ने नोटिस लेने से इनकार कर दिया। इसके बावजूद राजस्व विभाग द्वारा नियमानुसार 15 दिन की मोहलत दी गई। लेकिन अब निर्धारित समय सीमा समाप्त होने और पैमाइश के 23 दिन बीत जाने के बाद भी सरकारी रास्ता कब्जामुक्त नहीं हो सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब राजस्व विभाग स्वयं अपनी जांच में कब्जे की पुष्टि कर चुका है, तो फिर कार्रवाई में देरी समझ से परे है। ग्रामीणों का आरोप है कि सरकारी रास्ते पर कब्जा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है और प्रशासन की निष्क्रियता से कब्जाधारकों के हौसले बुलंद हो रहे हैं।

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