गाटा संख्या 1810 की 13 बिस्वा भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, राशिद पुत्र दुखी ने तहसील प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
गाटा संख्या 1810 की 13 बिस्वा भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप, राशिद पुत्र दुखी ने तहसील प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
अमेठी की तहसील तिलोई ग्राम सभा उढ़वा हेमराजपुर पूरे गांव पूरे सिक्का क्षेत्र में भूमि विवाद एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम सभा निवासी राशिद पुत्र दुखी ने अपनी पैतृक भूमि पर कथित रूप से अवैध कब्जा किए जाने के प्रयास का आरोप लगाते हुए तहसील प्रशासन, राजस्व विभाग तथा जिला प्रशासन से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित का कहना है कि गाटा संख्या 1810 में स्थित उसकी 13 बिस्वा भूमि राजस्व अभिलेखों में विधिवत दर्ज है, इसके बावजूद कुछ लोग दबंगई के बल पर भूमि पर कब्जा करने का प्रयास कर रहे हैं।पीड़ित राशिद पुत्र दुखी द्वारा दिए गए प्रार्थना पत्र के अनुसार उक्त भूमि उसके परिवार की पुश्तैनी संपत्ति है और वर्षों से उसका परिवार उस भूमि पर अपना वैधानिक अधिकार रखता आ रहा है। शिकायतकर्ता का कहना है कि भूमि से संबंधित सभी आवश्यक अभिलेख, खतौनी तथा राजस्व रिकॉर्ड उसके पक्ष में हैं। इसके बावजूद कुछ प्रभावशाली लोग उसकी भूमि पर दावा कर रहे हैं और उसे उसके अधिकार से वंचित करने का प्रयास कर रहे हैं।
राशिद ने आरोप लगाया है कि छोटेलाल, जगदीश, सुरेंद्र एवं कलावती द्वारा उसकी भूमि पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि जब भी वह अपनी भूमि की सुरक्षा के लिए आवाज उठाते हैं या संबंधित अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हैं, तब विपक्षी पक्ष द्वारा उन्हें धमकाया जाता है। पीड़ित का आरोप है कि उसे और उसके परिवार को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है तथा भय का माहौल बनाकर उनकी भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है।
शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि विपक्षी पक्ष द्वारा उसे बार-बार झूठे मुकदमों में फंसाने तथा एससी/एसटी एक्ट के तहत कार्रवाई करवाने की धमकी दी जा रही है। राशिद का कहना है कि इन धमकियों के कारण उनका पूरा परिवार भय और तनाव में जीवन यापन करने को मजबूर है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए तथा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।
पीड़ित के अनुसार भूमि उसकी आजीविका का प्रमुख साधन है। यदि उस पर अवैध कब्जा हो जाता है तो उसके परिवार के सामने गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो जाएगा। राशिद ने प्रशासन से मांग की है कि राजस्व विभाग की टीम द्वारा मौके पर पहुंचकर भूमि की पैमाइश कराई जाए, अभिलेखों का परीक्षण किया जाए और वास्तविक स्थिति के आधार पर निष्पक्ष रिपोर्ट तैयार की जाए।प्रार्थना पत्र में यह भी कहा गया है कि यदि समय रहते प्रशासन द्वारा प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई तो भविष्य में कोई बड़ी अप्रिय घटना हो सकती है। पीड़ित ने जिला प्रशासन से अपील की है कि मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल हस्तक्षेप किया जाए तथा भूमि को कब्जामुक्त कराया जाए।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि भूमि विवाद के कारण क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। ग्रामीणों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कराकर न्यायोचित कार्रवाई करने की मांग की है, जिससे कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार का विवाद बढ़ने न पाए। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि राजस्व अभिलेखों के आधार पर मामले का जल्द निस्तारण किया जाना चाहिए ताकि पीड़ित को न्याय मिल सके।
राशिद पुत्र दुखी ने चेतावनी दी है कि यदि उन्हें स्थानीय स्तर पर न्याय नहीं मिला तो वह जिलाधिकारी, मंडलायुक्त, राजस्व परिषद तथा न्यायालय का दरवाजा खटखटाने को मजबूर होंगे। उन्होंने कहा कि उन्हें भारतीय न्याय व्यवस्था और प्रशासन पर पूरा विश्वास है तथा उन्हें उम्मीद है कि निष्पक्ष जांच के बाद सच्चाई सामने आएगी और उन्हें न्याय मिलेगा।फिलहाल मामला प्रशासन के संज्ञान में है। अब सभी की निगाहें तहसील प्रशासन और राजस्व विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं। जांच और पैमाइश के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी नोट: समाचार में उल्लिखित आरोप शिकायतकर्ता राशिद पुत्र दुखी द्वारा लगाए गए हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि प्रशासनिक जांच के बाद ही हो सकेगी
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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