संघर्ष का पर्याय बने "फिल्मकार आदित्य वर्मा जलज" ग्रामीणीय परिवेश और प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझ कर खुद बनाया रास्ता.
संघर्ष का पर्याय बने "फिल्मकार आदित्य वर्मा जलज" ग्रामीणीय परिवेश और प्रतिकूल परिस्थितियों से जूझ कर खुद बनाया रास्ता.
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आज जलज जी एक बड़ी मूवी शूट कर रहे हैं "मैं भारत हूँ "
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फिल्मकार आदित्य वर्मा ' जलज ' उत्तर प्रदेश,जनपद - लखीमपुर-खीरी,मन्योरा - फरधान के मूल निवासी हैं। धर्म सभा इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट करने बाद,आगे की पढ़ाई के लिए,इलाहाबाद का रुख किया और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से ही दर्शनशास्त्र में एम.ए.किया और आई.ए.एस.मेन तक पहुंचें,मंजिल करीब थी परन्तु कुदरत कुछ और ही करवाना चाहती थी,रचनात्मक प्रतिभा के धनी लेखन क्षमता बचपन से ही है।
_अध्ययन के दौरान इलाहाबाद आकाशवाणी सहित अनेक काव्य गोष्ठियों में भाग लिया,अनेक काव्य रचनाएँ पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुईं।_
२००१ में उमराव जान फेम मुज़फ़्फ़र अली जी से एक मुलाकात ने सब कुछ बदल दिया,मुज्जफर साहब को अपना गुरू -प्रेरणा स्रोत मान के,आई.ए.एस.छोड़ के बॉलीवुड की ओर रूख किया।
_अपने गृह जनपद में ही,नेपाल बॉर्डर " चंदन चौकी" पे अपनी पहली डॉक्यूमेंट्री फिल्म शूट की - *देयर ड्रीम लैंड* जो थारू जन जाति पर आधारित थी,जिसका प्रसारण लखनऊ डी.डी.१ से हुआ और २००५ में लखीमपुर ,सौभाग्य पैलेस में पहला " फिल्मोत्सव -२००५ " एक मेगा इवेंट किया।_
तत्पश्चात लखीमपुर और लखनऊ से ही.. रिटर्न टू नेचर, "एक संत जमीन" टेली फिल्म का निर्माण किया।
_२००७ में अपना खुद का बैनर " जलज एण्ड प्रिया क्रिएशंस " बनाया और दिल्ली से अपना काम शुरू किया। मई -२००७ अपने ही बैनर तले.."पूजा के फूल" हिन्दी फीचर फिल्म, दिल्ली में शूट की। इस दौरान अन्य छोटे काम भी किए - एल्बम,टेलीफिल्म और वीडियो फिल्में बनाई। साथ में अनेक क्रिएटिव मेगा एवेंट किए।_
२०११ में ओमप्रकाश चौधरी के सहयोग से " मालिका - द फायर " हिन्दी फीचर फिल्म का निर्माण किया जो थियेटर्स में रिलीज हुई,ये एक बोल्ड मूवी थी परन्तु अब इस तरह की फिल्मों का निर्माण जलज जी नहीं करते,इसको अपनी भूल मानते हैं।
_फिल्म निर्माण के साथ जलज जी एक सामाजिक और रचनात्मक व्यक्ति हैं। सदैव ही समाज और देश की सेवा में तत्पर रहते हैं। करोना काल में खुद भी बर्बाद हो गए,फिल्म एकेडमी और फिल्म स्टूडियो बंद हो गया,कार तक बेचनी पड़ी,फिर भी दिल्ली में लोगों की बहुत मदद की,अपनी जान की परवाह किए बिना आम लोगों के साथ खड़े रहे,कहने की जरूरत नहीं है परंतु ये कदम जलज जी का बेहद सराहनीय था ।_
एक सामाजिक और रचनात्मक प्रतिभा की वजह से आज देश से जलज जी के साथ लाखों लोग जुड़े हुए हैं। देश के अनेक संगठनों ने जलज जी को विशिष्ट राष्ट्रीय पदों पर सुशोभित किया है-
• इंटक फेडरेशन से - नेशनल चेयरमैन,फिल्म डिवीजन
• भारतीय कलाकार संघ-मुंबई से [राष्ट्रीय उपाध्यक्ष]
• एकता फाउंडेशन संगठन-भारत से [राष्ट्रीय उपाध्यक्ष]
• राष्ट्रीय कॉंग्रेस क्लब-भारत [राष्ट्रीय महासचिव]
• राजीव गाँधी राष्ट्रीय विचार मंच [संस्थापक,राष्ट्रीय अध्यक्ष]
• मानवाधिकार संरक्षण संघठन-भारत [राष्ट्रीय उपाध्यक्ष]
जलज जी का कहना है "लोगों दुवाएं और स्नेह ही" उनकी सबसे बड़ी ताकत है।
_आज देश के हालात भयावह हैं,राष्ट्र के स्तंभ प्रेम,भाईचारा और इंसानियत पर आधारित हिन्दी फीचर फिल्म "मैं भारत हूँ" शूटिंग चल रही है,जो जनवरी -२०२७ में रिलीज होगी।_
अन्य मेगा प्रोजेक्ट - "कुदरत एक प्रेमकथा" व "2050-ए वॉर फॉर वॉटर" बड़े पर्दे पर और "संघर्ष - स्टोरी ऑफ लाइफ" (Mega Webseries) OTT प्लेटफार्म पर शीघ्र आने वाली है।
● फ़िल्म प्रोडक्शन हाउस के अलावा दिल्ली में अपनी फिल्म एकेडमी & फिल्मस्टूडियो, Seve Earth Save Life (NGO),फ़िल्म मैगज़ीन आदि कार्य संचालित किये जा रहे हैं।
संघर्ष से भरी इस कठिन लंबी यात्रा में जलज जी के पिता जी आचार्य विश्वंभर दयालु वर्मा,धर्म पत्नी प्रियंका जी,फिल्म यूनिट के अभिषेक भारद्वाज जी,मोनिका श्रीवास्तव जी,सत्य प्रकाश सक्सेना जी,कोमल यादव जी,साक्षी जी,मुंबई से सलीम खान जी,अंजनी श्रीवास्तव जी,सैफ़ अली जी,रंजन शाह जी,डॉ .वी बी.धुरिया जी ने जलज जी का हर तरीके से साथ दिया है और आज भी साथ हैं।
_आज जलज जी का अपना फाउंडेशन " जलज क्रिएटिव फाउंडेशन" राष्ट्रीय पटल पर स्थापित हो चुका है,इसमें देश से कोने-कोने से लाखों रचनात्मक लोग जुड़े हैं।_
अब देश को जलज की फिल्म " मैं भारत हूँ" का इंतजार है। जो दर्शकों को फिर एक बार मनोज कुमार की याद दिलाएगी और ये फिल्म मनोज कुमार (भारत कुमार) जी को श्रद्धांजलि के रूप में प्रस्तुत की जाएगी। इस खूबसूरत फिल्म के लिए आदित्य वर्मा जलज जी को और पूरी फिल्म यूनिट की बधाई व शुभकामनाएं।
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