रायबरेली: महिला पत्रकार से कथित मारपीट, बाल पकड़कर घसीटने का वीडियो वायरल, नकदी छीनने व जान से मारने की धमकी का आरोप
रायबरेली: महिला पत्रकार से कथित मारपीट, बाल पकड़कर घसीटने का वीडियो वायरल, नकदी छीनने व जान से मारने की धमकी का आरोप
रायबरेली, महराजगंज। जनपद रायबरेली के थाना महराजगंज क्षेत्र में पेशे से पत्रकार कुमारी सोनी पुत्री राम सजीवन के साथ कथित मारपीट, गाली-गलौज, बाल पकड़कर घसीटने, ₹1000 छीनने तथा जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। वीडियो को लेकर आम लोगों, पत्रकारों और सामाजिक संगठनों में भी चर्चा तेज हो गई है तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग उठने लगी है।प्रार्थिनी का आरोप है कि घटना के समय वह अपने कार्य से जा रही थीं, तभी राम नरेश प्रजापति पुत्र राम आश्रय निवासी बसलतनगर, सुरेश पुत्र राम नरेश तथा दो अज्ञात व्यक्तियों ने उन्हें रोक लिया। विरोध करने पर कथित रूप से उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया, गाली-गलौज की गई और मारपीट शुरू कर दी गई। उनका आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें बाल पकड़कर सड़क पर घसीटा, जिससे उन्हें शारीरिक चोटें आईं और मानसिक रूप से भी गहरा आघात पहुंचा।
प्रार्थिनी का यह भी आरोप है कि घटना के दौरान उनकी जेब में रखे ₹1000 छीन लिए गए तथा उन्हें भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने और जान से मारने की धमकी भी दी गई। घटना के बाद वह भय और दहशत के माहौल में हैं तथा उन्होंने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला के साथ बाल पकड़कर घसीटने और मारपीट जैसे दृश्य दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाले पूरे घटनाक्रम, उससे पहले और बाद की परिस्थितियों तथा प्रार्थिनी द्वारा लगाए गए अन्य आरोपों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।पीड़िता ने थाना महराजगंज पुलिस से आरोपियों के विरुद्ध तत्काल मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने, सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, छीनी गई धनराशि की बरामदगी तथा अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो ऐसी घटनाएं अन्य महिलाओं और पत्रकारों के साथ भी हो सकती हैं।घटना के बाद क्षेत्र के लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि महिलाओं और पत्रकारों के साथ किसी भी प्रकार की हिंसा बर्दाश्त नहीं की जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस प्रशासन से वायरल वीडियो की गहन जांच कर दोषियों के विरुद्ध कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई करने की मांग की है।फिलहाल मामले में पुलिस की ओर से जांच की प्रक्रिया आगे बढ़ाए जाने की बात कही जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। यह समाचार प्रार्थिनी द्वारा लगाए गए आरोपों तथा वायरल वीडियो में दिखाई देने वाले दृश्यों के आधार पर तैयार किया गया है। जांच पूरी होने तक सभी आरोप विचाराधीन हैं।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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