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अमेठी में सक्षम केएमसी’ पहल का शुभारम्भ, समय से पूर्व एवं कम जन्म वजन वाले नवजातों को घर पर मिलेगी गुणवत्तापूर्ण देखभाल

 अमेठी में सक्षम केएमसी’ पहल का शुभारम्भ, समय से पूर्व एवं कम जन्म वजन वाले नवजातों को घर पर मिलेगी गुणवत्तापूर्ण देखभाल


श्री न्यूज़ 24 से अयोध्या मंडल ब्यूरो चीफ शुकुल बाजार अमेठी से रामधनी शुक्ला


जिलाअमेठीसमय से पूर्व जन्मे एवं कम जन्म वजन वाले नवजात शिशुओं की बेहतर, सुरक्षित एवं निरंतर देखभाल सुनिश्चित करने की दिशा में जनपद अमेठी ने एक महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। सोमवार को विकास खंड बहादुरपुर सभागार में गृह आधारित कंगारू मातृ देखभाल (होम बेस्ड कंगारू मदर केयर) कार्यक्रम ‘सक्षम केएमसी’ का भव्य शुभारम्भ उत्तर प्रदेश सरकार के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, परिवार कल्याण, मातृ एवं शिशु कल्याण तथा संसदीय कार्य राज्यमंत्री श्री मयंकेश्वर शरण सिंह एवं जिलाधिकारी संजय चौहान ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक सरवणन टी, मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) के साइंटिफिक एडवाइजरी बोर्ड एवं गवर्निंग काउंसिल के सदस्य डॉ. विश्वजीत कुमार सहित स्वास्थ्य विभाग एवं अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने नवजात शिशुओं की देखभाल से जुड़ी इस अभिनव पहल के वैज्ञानिक, तकनीकी एवं सामुदायिक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। बताया गया कि यह कार्यक्रम भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर), जिला स्वास्थ्य समिति अमेठी तथा कम्युनिटी इम्पॉवरमेंट लैब (सीईएल) के संयुक्त प्रयास एवं तकनीकी सहयोग से संचालित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद भी समय से पूर्व जन्मे एवं कम वजन वाले नवजातों को घर पर आवश्यक देखभाल, निगरानी और परामर्श उपलब्ध कराना है। ‘सक्षम केएमसी’ पहल का प्रारंभिक क्रियान्वयन तिलोई ब्लॉक के छह आयुष्मान आरोग्य मंदिरों में किया गया, जहां इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आए हैं। कार्यक्रम के दौरान पाकरगांव उपकेंद्र की आशा, एएनएम, संगिनी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) एवं स्थानीय माताओं ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि त्वचा से त्वचा संपर्क (कंगारू मदर केयर), नियमित स्तनपान और सतत निगरानी के माध्यम से नवजातों के स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार देखा गया है। अपने संबोधन में राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा कि समय से पूर्व जन्मे एवं कम वजन वाले नवजातों की देखभाल में निरंतरता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस पहल के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर की सीएचओ, एएनएम, संगिनी एवं आशा कार्यकर्ताओं की संयुक्त टीम परिवारों के साथ समन्वय स्थापित कर नवजातों को सुरक्षित त्वचा-से-त्वचा संपर्क, उचित एवं निरंतर स्तनपान, नियमित स्वास्थ्य निगरानी तथा आवश्यक परामर्श उपलब्ध कराएगी। उन्होंने जिलाधिकारी को निर्देशित किया कि इस कार्यक्रम में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों की भी सक्रिय भूमिका सुनिश्चित की जाए, जिससे नवजात देखभाल की यह व्यवस्था और अधिक प्रभावी बन सके। उन्होंने कहा कि यह मॉडल स्वास्थ्य संस्थानों और परिवारों के बीच एक मजबूत एवं सतत सेतु का कार्य करेगा तथा “अस्पताल से घर तक गुणवत्तापूर्ण नवजात देखभाल” सुनिश्चित करेगा। जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि वर्तमान में यह पहल तिलोई और बहादुरपुर ब्लॉक से शुरू की गई है, जिसे चरणबद्ध तरीके से जनपद के सभी विकास खंडों तक विस्तारित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि तिलोई ब्लॉक में प्राप्त अनुभवों एवं सीखों के आधार पर एक व्यवहारिक, प्रमाण-आधारित और विस्तार योग्य मॉडल विकसित किया जाएगा, जिसे भविष्य में उत्तर प्रदेश के अन्य जनपदों तथा देश के विभिन्न क्षेत्रों में भी लागू किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि नवजात शिशुओं की मृत्यु दर में कमी लाने तथा उनके स्वस्थ विकास को सुनिश्चित करने के लिए यह पहल अत्यंत महत्वपूर्ण साबित होगी और समुदाय आधारित स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करेगा। कार्यक्रम में बताया गया कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद द्वारा ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ के रूप में मान्यता प्राप्त कम्युनिटी इम्पॉवरमेंट लैब (सीईएल) स्वास्थ्य विभाग के साथ मिलकर इस मॉडल के प्रभावी संचालन, स्वास्थ्यकर्मियों के क्षमता निर्माण तथा समुदाय आधारित नवजात देखभाल प्रणाली को मजबूत करने के लिए आवश्यक वैज्ञानिक एवं तकनीकी सहयोग प्रदान कर रही है। आईसीएमआर के साइंटिफिक एडवाइजरी बोर्ड एवं गवर्निंग काउंसिल के सदस्य डॉ. विश्वजीत कुमार ने कहा कि यह पहल समय से पूर्व जन्मे एवं कम जन्म वजन वाले नवजातों की समय पर पहचान, कंगारू मातृ देखभाल की शीघ्र शुरुआत, परिवारों को निरंतर मार्गदर्शन और नियमित फॉलो-अप को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य नवजात देखभाल सेवाओं को केवल अस्पतालों तक सीमित न रखकर घर और समुदाय तक पहुंचाना है, ताकि प्रत्येक पात्र नवजात को समय पर आवश्यक देखभाल एवं सहयोग मिल सके। कार्यक्रम के दौरान राज्यमंत्री श्री मयंकेश्वर शरण सिंह, एमएलसी शैलेन्द्र प्रताप सिंह, जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सरवणन टी एवं मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू ने मातृ एवं नवजात शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के सुदृढ़ीकरण तथा एमएनसीयू एवं केएमसी सेवाओं के प्रभावी क्रियान्वयन में उत्कृष्ट योगदान देने वाले स्वास्थ्य अधिकारियों एवं कर्मियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। सम्मानित होने वालों में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह, जिला संयुक्त चिकित्सालय के सीएचओ डॉ. बी.पी. अग्रवाल, डीपीएम बसंत कुमार राय, जिला कम्युनिटी प्रोसेस प्रबंधक अशोक कुमार, जिला लेखा प्रबंधक विनीत कुमार, जिला क्वालिटी कंसल्टेंट विनोद कुमार, मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन अधिकारी श्रीराज, एचएमआईएस ऑपरेटर मोहित कुमार, सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के चिकित्सा अधीक्षक, आयुष्मान आरोग्य मंदिर पाकरगांव की टीम तथा एमबीएसयू/केएमसी टीम शामिल रही। इसके अतिरिक्त सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तिलोई की 18, सिंहपुर की 20 तथा बहादुरपुर की 15 आशा कार्यकर्ताओं को स्मार्टफोन वितरित किए गए, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की निगरानी एवं रिपोर्टिंग व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया जा सके। कार्यक्रम के अंत में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अंशुमान सिंह ने सभी अतिथियों, स्वास्थ्यकर्मियों एवं उपस्थित जनसमुदाय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘सक्षम केएमसी’ पहल नवजात शिशुओं के जीवन की सुरक्षा और उनके स्वस्थ भविष्य के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।

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