सीएससी से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त होंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा टेली-लॉ से मिलेगी कानूनी ताकत
सीएससी से जुड़कर आर्थिक रूप से सशक्त होंगी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं तथा टेली-लॉ से मिलेगी कानूनी ताकत
अमेठी। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ उन्हें डिजिटल और वित्तीय सेवाओं से जोड़ने की दिशा में कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) महत्वपूर्ण माध्यम बनकर उभर रहे हैं। विकास खण्ड सभागार गौरीगंज में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में महिलाओं को स्वयं सहायता समूह के साथ साथ सीएससी से जुड़कर उससे मिलने वाले अवसरों तथा वित्तीय, सरकारी एवं गैर सरकारी सेवाओं से जुड़कर आत्मनिर्भर बनने की संभावनाओं की जानकारी दी गई। सीएससी के सीनियर मैनेजर योगेश मिश्रा ने कहा कि स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को केवल समूह की सदस्य के रूप में नहीं, बल्कि गांव स्तर पर डिजिटल और वित्तीय सेवाओं की मजबूत कड़ी के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इसके माध्यम से प्रशिक्षित महिलाएं ग्रामीण नागरिकों को आधार आधारित बैंकिंग, धन निकासी, धन हस्तांतरण तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं की राशि पहुंचाने जैसी सेवाओं में सहयोग कर सकती हैं। योगेश मिश्रा ने कहा कि सीएससी के माध्यम से महिलाएं डिजिटल सेवाओं, बैंकिंग, सरकारी योजनाओं और विभिन्न जनकल्याणकारी सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर उन्हें अपने गांव और समुदाय तक पहुंचा सकती हैं। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूहों का उद्देश्य केवल बचत और ऋण तक सीमित नहीं है, बल्कि महिलाओं को वित्तीय रूप से सक्षम बनाकर उन्हें आजीविका, स्वरोजगार और उद्यमिता के अवसरों से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि एक महिला जब डिजिटल और वित्तीय रूप से सक्षम होती है तो उसका लाभ पूरे परिवार और गांव को मिलता है। सीएससी और स्वयं सहायता समूहों के बीच समन्वय से महिलाओं को बैंकिंग एवं डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में नई भूमिका मिल सकती है, जिससे वे आत्मनिर्भर बनने के साथ अन्य ग्रामीण परिवारों को भी सेवाएं उपलब्ध कराने में सहयोगी बनेंगी। इस कार्यक्रम मे सी एस सी असिस्टेंट मैनेजर पंकज मिश्रा के द्वारा सी एस सी की विभिन्न सरकारी, बैंकिंग, वित्तीय एवं गैर सरकारी सेवाओं के बारे मे तथा उससे होने वाली आय के बारे मे विस्तार से बताया। वही कार्यक्रम के दूसरे चरण में टेली-लॉ के राज्य समन्वयक वागीश सिंह ने महिलाओं को कानूनी अधिकारों और टेली-लॉ सेवा की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ महिलाओं का अपने कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक होना भी जरूरी है। टेली-लॉ के माध्यम से नजदीकी सीएससी केंद्र से पैनल अधिवक्ताओं के जरिए कानूनी सलाह प्राप्त की जा सकती है। वागीश सिंह ने कहा कि घरेलू हिंसा, दहेज, भरण-पोषण, पारिवारिक विवाद, संपत्ति एवं भूमि विवाद, बाल विवाह, कार्यस्थल पर उत्पीड़न सहित अनेक मामलों में टेली-लॉ महिलाओं के लिए उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिला यदि अपने अधिकार और कानून को समझती है तो वह केवल अपनी समस्या का समाधान नहीं कर सकती, बल्कि अपने परिवार और आसपास की अन्य महिलाओं को भी सही कानूनी मार्गदर्शन की जानकारी दे सकती है। इस प्रकार स्वयं सहायता समूह की महिलाएं आर्थिक सशक्तिकरण के साथ सामाजिक और कानूनी जागरूकता की भी मजबूत कड़ी बन सकती हैं। कार्यक्रम में सैकड़ों स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एवं संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इस मौके पर सीएससी मुख्यालय से योगेश मिश्रा, वागेश सिंह, पंकज मिश्रा, अभिषेक सिंह, उमाशंकर त्रिपाठी एवं सर्वेश यादव आदि मौजूद रहे।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ

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