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सार्वजनिक चकरोड पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार

 सार्वजनिक चकरोड पर कब्जे का आरोप, ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से लगाई गुहार



यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ 


 तिलोई,अमेठी शिवरतनगंज थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत सेमरौता के गांव पनपुरवा में सार्वजनिक चकरोड पर कथित अवैध कब्जे को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर राजस्व अभिलेखों में दर्ज सार्वजनिक रास्ते की पैमाइश कराकर कथित अतिक्रमण हटवाने और चकरोड को आम आवागमन के लिए खुलवाने की मांग की है।गांव निवासी उदयभान सिंह पुत्र देवबक्स सिंह की ओर से दिए गए प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि ग्राम पनपुरवा के गाटा संख्या 1437 और 1443 में राजस्व अभिलेखों के अनुसार सार्वजनिक चकरोड दर्ज है। इस रास्ते का इस्तेमाल ग्रामीण अपने खेतों तक आने-जाने और अन्य आवागमन के लिए करते हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि गांव के ही कुछ दबंग एवं प्रभावशाली लोगों ने सार्वजनिक चकरोड पर कथित रूप से अवैध कब्जा कर लिया है। रास्ते पर कब्जे के कारण किसानों और ग्रामीणों को अपने खेतों तक पहुंचने तथा रोजमर्रा के आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी से मामले का संज्ञान लेते हुए राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर चकरोड की पैमाइश कराने की मांग की है। साथ ही पैमाइश के बाद यदि कब्जा पाया जाता है तो उसे हटाकर सार्वजनिक रास्ते को पूर्व की तरह सुचारु रूप से खुलवाने का अनुरोध किया गया है।ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक रास्ते पर अतिक्रमण होने से सबसे अधिक परेशानी किसानों को उठानी पड़ रही है। उनका कहना है कि राजस्व अभिलेखों में दर्ज चकरोड को अतिक्रमण मुक्त कराकर आम ग्रामीणों के आवागमन के लिए उपलब्ध कराया जाना जनहित में आवश्यक है।

अब देखना यह है कि ग्रामीणों की शिकायत पर राजस्व विभाग की ओर से कब स्थलीय जांच और पैमाइश कराई जाती है तथा चकरोड की वास्तविक स्थिति सामने आने के बाद प्रशासन क्या कार्रवाई करता है।

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