केला किसानों पर दोहरी मार! 6-7 रुपये किलो में खरीद का आरोप, लाइसेंसधारी खरीदारों के सामने खड़ा हुआ संकट
केला किसानों पर दोहरी मार! 6-7 रुपये किलो में खरीद का आरोप, लाइसेंसधारी खरीदारों के सामने खड़ा हुआ संकट
निघासन/लखीमपुर खीरी। निघासन तहसील क्षेत्र में केला किसानों के सामने इन दिनों गंभीर आर्थिक संकट खड़ा होने का आरोप है। किसानों का कहना है कि कुछ बिना लाइसेंस के बताए जा रहे केला दलाल महज 6 से 7 रुपये प्रति किलो की दर पर केला खरीदने का दबाव बना रहे हैं, जबकि बाहर की मंडियों में केले का भाव करीब 2500 से 3000 रुपये प्रति कुंतल बताया जा रहा है।
किसानों का आरोप है कि कम कीमत पर खरीद के साथ-साथ कथित तौर पर कुछ बिना लाइसेंस वाले खरीदार लाइसेंसधारी केला खरीदारों को भी खरीद करने से रोक रहे हैं, जिससे किसानों के सामने अपनी उपज बेचने के विकल्प सीमित होते जा रहे हैं।
50 हजार रुपये प्रति बीघा तक लागत, अब लागत निकालना भी मुश्किल
केला किसानों के मुताबिक एक बीघा फसल तैयार करने में करीब 50 हजार रुपये तक की लागत आती है। कई किसानों ने फसल लगाने के लिए अपनी जमा पूंजी लगाई तो किसी ने जेवर गिरवी रखे और किसी ने खेत तक रहन रखने की बात कही। अब कम खरीद मूल्य के चलते किसानों को भारी नुकसान का डर सता रहा है।
धर्मकांटों की जांच से खुल सकता है पूरा खेल!
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में केले की खरीद कर रहे कारोबारियों और धर्मकांटों की जांच कराई जाए। किस खरीदार के पास वैध लाइसेंस है और कौन बिना लाइसेंस खरीद कर रहा है, इसकी जांच होने पर स्थिति साफ हो सकती है। साथ ही किसानों ने खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और उचित मूल्य सुनिश्चित कराने की मांग की है।
किसानों का सवाल है कि जब खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, तो उन्हें इतनी कम कीमत पर अपनी फसल बेचने के लिए मजबूर क्यों होना पड़ रहा है?
अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में जांच कर किसानों को राहत दिलाता है या फिर केला किसान कम कीमत और बढ़ती लागत के बीच आर्थिक नुकसान झेलने को मजबूर होते रहेंगे।

Post a Comment