प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने बदली ममता देवी के परिवार की जिंदगी
प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) ने बदली ममता देवी के परिवार की जिंदगी
कच्चे घर से पक्के आशियाने तक का सफर: ममता देवी के जीवन में आई नई रोशनी
श्री न्यूज़ 24 से अयोध्या मंडल ब्यूरो चीफ शुकुल बाजार अमेठी से रामधनी शुक्ला
जिलाअमेठी जनपद के विकास खंड संग्रामपुर की ग्राम पंचायत भवसिंहपुर निवासी ममता देवी पत्नी मनोज कुमार के लिए कभी अपना पक्का घर होना केवल एक सपना था। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से संबंध रखने वाली ममता देवी वर्षों तक एक जर्जर कच्चे घर में जीवन यापन करती रहीं। बरसात के दिनों में टपकती छत, गर्मी में असहनीय तापमान और सर्दियों में ठंडी हवाओं से बचाव की कोई समुचित व्यवस्था नहीं थी। छप्पर और पन्नी से ढके घर में रहने को मजबूर यह परिवार हर मौसम में कठिनाइयों का सामना करता था। आज वही ममता देवी अपने परिवार के साथ एक सुरक्षित, मजबूत और सम्मानजनक पक्के आवास में रह रही हैं। यह परिवर्तन प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से संभव हुआ है, जिसने उनके जीवन को नई दिशा और नया आत्मविश्वास प्रदान किया है। देश के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की सोच है कि देश का कोई भी गरीब परिवार बेघर न रहे और प्रत्येक पात्र परिवार को बुनियादी सुविधाओं से युक्त सम्मानजनक आवास उपलब्ध हो। इसी उद्देश्य से प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) संचालित की जा रही है, जिसके अंतर्गत पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्का घर उपलब्ध कराया जाता है। योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे एवं जर्जर मकानों में रहने वाले परिवारों को सुरक्षित और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। उत्तर प्रदेश में माननीय मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में इस योजना का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री जी की मंशा है कि शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक पहुंचे और पात्र लाभार्थियों को बिना किसी भेदभाव के सरकारी योजनाओं का लाभ मिले। इसी सोच के अनुरूप अमेठी जनपद में भी योजना का सफल संचालन किया जा रहा है। ममता देवी बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले तक उनका परिवार अत्यंत कठिन परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहा था। उनका घर कच्चा था, जिसकी दीवारें कमजोर थीं और छत छप्पर तथा पन्नी से ढकी हुई थी। बरसात में घर के अंदर पानी भर जाता था, जिससे परिवार को रातभर जागकर समय बिताना पड़ता था। बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी और परिवार हमेशा किसी अनहोनी की आशंका में रहता था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण अपने संसाधनों से पक्का मकान बनाना संभव नहीं था। ऐसे में परिवार को उम्मीद थी कि यदि कोई सरकारी सहायता मिल जाए तो उनका जीवन बेहतर हो सकता है। जब प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों का चयन किया गया, तब ग्राम पंचायत एवं विकास खंड स्तर पर हुई प्रक्रिया के माध्यम से ममता देवी का नाम योजना के लिए चयनित हुआ। चयन के बाद उन्हें आवास निर्माण हेतु स्वीकृति प्रदान की गई। योजना के अंतर्गत उन्हें तीन किश्तों में ₹1.20 लाख की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। साथ ही मनरेगा के अंतर्गत मजदूरी का लाभ भी मिला, जिससे आवास निर्माण कार्य को गति मिली। सरकार की इस सहायता ने उनके वर्षों पुराने सपने को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। धीरे-धीरे उनके सपनों का घर आकार लेने लगा और कुछ ही समय में एक मजबूत, सुरक्षित और सुविधायुक्त पक्का मकान तैयार हो गया। जनपद में जिलाधिकारी संजय चौहान के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के क्रियान्वयन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जिलाधिकारी द्वारा समय-समय पर समीक्षा बैठकों के माध्यम से यह सुनिश्चित किया जाता है कि पात्र लाभार्थियों को समयबद्ध तरीके से योजना का लाभ मिले तथा आवास निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ पूर्ण हो। जिलाधिकारी के निर्देशन में अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने लाभार्थियों तक पहुंचकर उन्हें योजना की जानकारी दी और विभिन्न चरणों में आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया। परिणामस्वरूप ममता देवी जैसे अनेक परिवारों को योजना का लाभ समय पर प्राप्त हुआ। योजना के सफल क्रियान्वयन में परियोजना निदेशक, डीआरडीए, ऐश्वर्य यादव की भूमिका भी उल्लेखनीय रही। उनके नेतृत्व में ग्रामीण विकास विभाग की टीम ने लाभार्थियों के चयन, सत्यापन, भुगतान तथा आवास निर्माण की प्रगति की नियमित निगरानी की। परियोजना निदेशक द्वारा यह सुनिश्चित किया गया कि योजना की धनराशि सीधे लाभार्थियों के खाते में पहुंचे और निर्माण कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण हो। प्रशासन की इस सक्रियता का ही परिणाम है कि ममता देवी का आवास समय पर पूर्ण हो सका और उन्हें सुरक्षित आवास का लाभ प्राप्त हुआ। प्रधानमंत्री आवास योजना केवल एक घर उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह ग्रामीण परिवारों के समग्र जीवन स्तर को बेहतर बनाने का माध्यम भी है। ममता देवी को आवास के साथ-साथ बिजली, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, गैस कनेक्शन तथा अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ भी प्राप्त हुआ। इन सुविधाओं ने उनके परिवार के जीवन में व्यापक बदलाव लाया है। अब बच्चों को पढ़ाई के लिए बेहतर वातावरण मिलता है, महिलाओं को सुरक्षित एवं सम्मानजनक जीवन मिला है तथा परिवार का सामाजिक आत्मविश्वास भी बढ़ा है। ममता देवी कहती हैं कि पहले उन्हें हर समय घर की चिंता सताती रहती थी, लेकिन अब वे निश्चिंत होकर अपने परिवार के साथ रह रही हैं। पक्का घर मिलने से उनके जीवन में सुरक्षा, सम्मान और स्थिरता आई है। गांव में उनकी पहचान भी मजबूत हुई है और परिवार का आत्मविश्वास बढ़ा है। वे भावुक होकर बताती हैं कि सरकार की इस योजना ने उनके जीवन की दिशा बदल दी है। आज उनका परिवार एक सुरक्षित घर में रह रहा है, जो कभी केवल एक सपना हुआ करता था।

Post a Comment