बदहाली की मार: झोपड़ी तक नसीब नहीं, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बुजुर्ग महिला
बदहाली की मार: झोपड़ी तक नसीब नहीं, खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बुजुर्ग महिला
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
जनपद अमेठी | तहसील तिलोई | ब्लॉक सिंहपुर।
ग्राम सभा भीखीपुर के पूरे अलादीन गांव में गरीबी और बदहाली की एक तस्वीर सामने आई है। यहां पीड़ित बुजुर्ग महिला जोहरा के पास रहने के लिए न तो पक्का मकान है और न ही कोई झोपड़ी। वह मजबूरी में खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं बरसात के मौसम में बुजुर्ग महिला की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। बारिश होने पर सिर छिपाने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं होने के कारण उन्हें काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। खुले आसमान के नीचे रहने से बारिश, धूप और मौसम की मार झेलनी पड़ रही है।
पीड़िता का कहना है कि आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर होने के कारण वह अपने लिए मकान बनवाने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में उन्हें शासन-प्रशासन से ही मदद की उम्मीद है। बुजुर्ग महिला ने शासन से गुहार लगाते हुए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पात्रता के आधार पर पक्का मकान उपलब्ध कराने की मांग की है पीड़िता का कहना है कि यदि प्रशासन की ओर से उन्हें सुरक्षित छत मिल जाए तो बुढ़ापे में जीवन कुछ आसान हो सकता है। ग्रामीणों ने भी जिम्मेदार अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेकर मौके पर जांच कराने और पात्र होने पर आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग की है अब देखना यह है कि खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर बुजुर्ग महिला जोहरा की फरियाद कब सुनी जाती है और उन्हें सुरक्षित छत कब नसीब होती है।

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