पक्के घर ने बदली जिंदगी की तस्वीर: मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से सावित्री के सपनों को मिला नया आशियाना
पक्के घर ने बदली जिंदगी की तस्वीर: मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) से सावित्री के सपनों को मिला नया आशियाना
अमेठी। जनपद के विकास खंड भादर अंतर्गत ग्राम पंचायत भादर की निवासी सावित्री का जीवन कभी अभावों, कठिनाइयों और अनिश्चितताओं से घिरा हुआ था। परिवार के भरण-पोषण के लिए मजदूरी करने वाले उनके पति उदयपाल की सीमित आय के कारण परिवार का जीवन अत्यंत कठिन परिस्थितियों में गुजर रहा था। वर्षों तक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को विवश यह परिवार हर मौसम में परेशानियों का सामना करता था। बरसात के दिनों में छत टपकती थी, गर्मी में तपती दीवारें और सर्दी में ठंडी हवाएं परिवार की मुश्किलें बढ़ा देती थीं। ऐसे समय में मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ जी की गरीब कल्याण एवं आवासीय सुरक्षा की दूरदर्शी सोच ने इस परिवार के जीवन में नई उम्मीद की किरण जगाई। मुख्यमंत्री जी की मंशा रही है कि प्रदेश का कोई भी गरीब परिवार बेघर न रहे और प्रत्येक नागरिक को सम्मानजनक जीवन जीने के लिए सुरक्षित आवास उपलब्ध हो। इसी संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया है। परिणामस्वरूप आज लाखों गरीब परिवारों की तरह अमेठी की सावित्री भी अपने पक्के घर में सम्मानपूर्वक जीवन व्यतीत कर रही हैं। सावित्री बताती हैं कि कुछ वर्ष पहले तक उनका परिवार मिट्टी से बने जर्जर कच्चे मकान में रहता था। मकान इतना कमजोर हो चुका था कि बरसात के दौरान उसके गिरने का हमेशा डर बना रहता था। परिवार के पास शौचालय नहीं था, बिजली की सुविधा नहीं थी और स्वच्छ पेयजल की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी। सीमित आय होने के कारण नया मकान बनवाना उनके लिए असंभव सा सपना था। वर्षा के कारण जब उनका जर्जर मकान क्षतिग्रस्त होकर गिर गया तो परिवार के सामने रहने का संकट खड़ा हो गया। उस समय उन्हें ऐसा लगने लगा था कि शायद जीवन भर उन्हें इसी प्रकार कठिन परिस्थितियों में रहना पड़ेगा। इसी दौरान मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से उन्हें आवास स्वीकृत होने की जानकारी मिली। प्रशासनिक स्तर पर पूरी पारदर्शिता के साथ पात्रता के आधार पर उनका चयन किया गया। जनपद में जिलाधिकारी संजय चौहान के सतत मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आवास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को प्राथमिकता दी गई। जिलाधिकारी द्वारा समय-समय पर योजनाओं की समीक्षा, प्रगति की निगरानी तथा पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए जाते रहे। उनके नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी पात्र परिवार सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे। जिलाधिकारी के निर्देशन में परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण (डीआरडीए) ऐश्वर्या यादव एवं संबंधित विभागीय अधिकारियों द्वारा योजना का प्रभावी क्रियान्वयन किया गया। लाभार्थियों का सत्यापन, स्वीकृति, धनराशि का समयबद्ध भुगतान तथा निर्माण कार्य की निगरानी जैसी सभी प्रक्रियाएं पारदर्शी ढंग से पूरी की गईं। प्रशासन की इसी सक्रियता का परिणाम रहा कि सावित्री को योजना के अंतर्गत कुल 1.20 लाख रुपये की सहायता राशि तीन किश्तों में प्राप्त हुई। इसके अतिरिक्त मनरेगा के अंतर्गत 90 मानव दिवस का रोजगार भी उपलब्ध कराया गया, जिससे परिवार को आर्थिक सहयोग मिला और आवास निर्माण का कार्य तेजी से पूरा हो सका। प्राप्त सहायता राशि और प्रशासनिक सहयोग से सावित्री ने अपने सपनों का पक्का घर तैयार कराया। आज उनका घर आरसीसी छत, सुरक्षित कमरों, रसोईघर तथा आवश्यक मूलभूत सुविधाओं से युक्त है। घर में शौचालय की व्यवस्था है, बिजली कनेक्शन उपलब्ध है और स्वच्छ जीवन के लिए आवश्यक सुविधाएं भी मौजूद हैं। जो परिवार कभी असुरक्षा और अभाव के बीच जीवन बिताने को मजबूर था, वह आज सम्मानजनक और सुरक्षित वातावरण में रह रहा है। सावित्री कहती हैं कि पहले उन्हें हर समय अपने घर के गिरने की चिंता सताती रहती थी। बरसात का मौसम उनके लिए भय का कारण बन जाता था। लेकिन अब पक्का घर मिलने के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया है। उन्हें और उनके परिवार को सुरक्षा का एहसास होता है। बच्चे बेहतर वातावरण में पढ़ाई कर पा रहे हैं और परिवार सामाजिक रूप से भी अधिक सम्मान महसूस करता है। गांव के लोग जब उनके नए घर को देखते हैं तो उन्हें खुशी होती है कि सरकार की योजनाएं वास्तव में गरीबों के जीवन में बदलाव ला रही हैं। वह भावुक होकर बताती हैं कि जिस समय उनके पास रहने के लिए सुरक्षित घर नहीं था, उस समय जीवन में चारों ओर निराशा दिखाई देती थी। लेकिन मुख्यमंत्री आवास योजना ने उनके जीवन में आशा का नया प्रकाश भर दिया। आज उन्हें अपने घर पर गर्व है और भविष्य के प्रति विश्वास भी बढ़ा है। उनका कहना है कि सरकार की इस योजना ने केवल उन्हें मकान ही नहीं दिया, बल्कि सम्मान, सुरक्षा और आत्मविश्वास भी प्रदान किया है। सावित्री मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहती हैं कि गरीब परिवारों के लिए ऐसी योजनाएं किसी वरदान से कम नहीं हैं। सावित्री की यह कहानी इस बात का जीवंत उदाहरण है कि जब शासन की मंशा जनकल्याण की हो, प्रशासन संवेदनशीलता के साथ कार्य करे और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए, तब समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास का लाभ पहुंचता है। मुख्यमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के माध्यम से अमेठी में हजारों परिवारों की तरह सावित्री का परिवार भी अब सुरक्षित, सम्मानजनक और खुशहाल जीवन की ओर अग्रसर है। यह कहानी केवल एक लाभार्थी की सफलता नहीं, बल्कि सरकार की गरीब कल्याणकारी नीतियों, प्रशासनिक प्रतिबद्धता और प्रभावी क्रियान्वयन का प्रेरणादायक उदाहरण है, जो यह संदेश देती है कि विकास तभी सार्थक है जब उसका लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे।

Post a Comment