न्यायालय में विचाराधीन विवादित मकान पर निर्माण का आरोप, SDM-CO के आदेश के बाद भी नहीं रुका काम; ट्वीट के बाद भी कार्रवाई से पुलिस का किनारा
न्यायालय में विचाराधीन विवादित मकान पर निर्माण का आरोप, SDM-CO के आदेश के बाद भी नहीं रुका काम; ट्वीट के बाद भी कार्रवाई से पुलिस का किनारा
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
अमेठी। जायस कोतवाली क्षेत्र के पूरे हकीम गांव में मेन रोड स्थित एक विवादित मकान को लेकर मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। मकान से संबंधित विवाद न्यायालय में विचाराधीन होने के बावजूद मौके पर निर्माण कार्य कराए जाने का आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि स्थानीय पुलिस की कथित शह पर दबंग व्यक्ति द्वारा विवादित मकान पर जबरन निर्माण कराया जा रहा है।
शिकायतकर्ता के अनुसार, विवादित संपत्ति को लेकर पहले से ही दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है और मामला न्यायालय में विचाराधीन है। इसी को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा प्रशासनिक अधिकारियों से शिकायत की गई थी। आरोप है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए SDM तिलोई और क्षेत्राधिकारी तिलोई (CO) द्वारा भी आवश्यक निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद विवादित मकान पर निर्माण कार्य जारी रहने से प्रशासनिक आदेशों के अनुपालन पर सवाल खड़े हो रहे हैं शिकायतकर्ता का कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस को भी दी और निर्माण कार्य रुकवाने की मांग की, लेकिन आरोप है कि पुलिस द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। शिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि यदि विवादित स्थल पर इसी तरह निर्माण कार्य चलता रहा तो दोनों पक्षों के बीच तनाव बढ़ सकता है और भविष्य में किसी बड़ी घटना की स्थिति उत्पन्न हो सकती है ट्वीट के बाद भी कार्रवाई पर सवाल मामले को लेकर शिकायतकर्ता द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) के माध्यम से भी उच्चाधिकारियों का ध्यान आकर्षित कराया गया। ट्वीट में स्थानीय पुलिस की भूमिका पर सवाल उठाते हुए विवादित मकान पर हो रहे निर्माण को तत्काल रुकवाने और मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की गई
शिकायतकर्ता का आरोप है कि ट्वीट के बाद अधिकारियों का ध्यान मामले की ओर जाने के बावजूद स्थानीय पुलिस द्वारा उचित कार्रवाई करने से किनारा किया जा रहा है। उनका कहना है कि पुलिस यदि समय रहते मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित कर ले तो किसी भी संभावित विवाद को बढ़ने से रोका जा सकता है शिकायतकर्ता ने उच्चाधिकारियों से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, न्यायालय में विचाराधीन संपत्ति पर किसी भी प्रकार के निर्माण की स्थिति की मौके पर जांच की जाए और यदि निर्माण नियमों अथवा न्यायालयीय प्रक्रिया के विपरीत पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब संपत्ति को लेकर न्यायालय में मामला विचाराधीन है और प्रशासनिक स्तर पर भी शिकायत की जा चुकी है, तो आखिर विवादित स्थल पर निर्माण कार्य कैसे जारी है। अब देखना यह है कि उच्चाधिकारी मामले का संज्ञान लेकर मौके की जांच कराते हैं या नहीं फिलहाल पूरे मामले में स्थानीय पुलिस एवं दूसरे पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित किया जाएगा।

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