कंपोजिट विद्यालय धनी जलालपुर का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, बच्चों को पढ़ाया पाठ
कंपोजिट विद्यालय धनी जलालपुर का डीएम ने किया औचक निरीक्षण, बच्चों को पढ़ाया पाठ
शिक्षक की भूमिका में नजर आए जिलाधिकारी, बच्चों से गणित-अंग्रेजी के सवाल पूछकर परखी शैक्षिक गुणवत्ता
शौचालय, पेयजल एवं अन्य व्यवस्थाओं में कमियां मिलने पर जताई नाराजगी, तत्काल सुधार के दिए निर्देश
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
अमेठी। जिलाधिकारी शशांक चौधरी ने आज कंपोजिट विद्यालय धनी जलालपुर का औचक स्थलीय निरीक्षण कर शैक्षिक गुणवत्ता, शिक्षकों एवं विद्यार्थियों की उपस्थिति, मध्याह्न भोजन, स्वच्छता और मूलभूत सुविधाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी शिक्षक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने बच्चों से गणित, अंग्रेजी सहित विभिन्न विषयों से संबंधित प्रश्न पूछे, पुस्तकें पढ़वाकर उनकी शैक्षिक क्षमता परखी तथा स्वयं बोर्ड पर सवाल लिखकर बच्चों से हल करवाए। उन्होंने बच्चों की होमवर्क कॉपियां भी जांचीं और शिक्षकों को नियमित रूप से गृहकार्य देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में छह शिक्षक कार्यरत पाए गए, जिनमें से पांच उपस्थित थे, जबकि एक शिक्षक अवकाश पर थे। विद्यालय में कुल 134 बच्चे नामांकित मिले। जिलाधिकारी ने बच्चों से संवाद कर उनकी पढ़ाई के स्तर की जानकारी ली। उन्होंने शिक्षकों को निर्देशित किया कि प्रत्येक बच्चे की शैक्षिक प्रगति पर ध्यान दिया जाए तथा पढ़ाई में कमजोर बच्चों के लिए विशेष प्रयास किए जाएं। बच्चों को नियमित गृहकार्य देने के साथ उसकी जांच भी सुनिश्चित की जाए, जिससे उनकी सीखने की क्षमता में निरंतर सुधार हो सके। जिलाधिकारी ने विद्यालय में मध्याह्न भोजन की व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए निर्देश दिए कि बच्चों को निर्धारित मेन्यू के अनुसार गुणवत्तापूर्ण एवं पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने विद्यालय परिसर में बालक, बालिका एवं दिव्यांग शौचालयों का भी निरीक्षण किया। इस दौरान बालक शौचालय बंद मिला तथा नल की टोटी में पानी नहीं आ रहा था। इस पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए प्रधानाचार्य से जानकारी ली। प्रधानाचार्य ने बताया कि शौचालय में मरम्मत की आवश्यकता है और टोटी की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त है। इस पर जिलाधिकारी ने खंड शिक्षा अधिकारी (एबीएसए) को तत्काल मरम्मत कराने तथा पाइपलाइन दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यालय में हैंडवॉश की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने बच्चों को भोजन से पहले और बाद में तथा शौचालय के उपयोग के बाद साबुन से हाथ धोने के प्रति जागरूक करने के निर्देश भी दिए। इसके बाद जिलाधिकारी ने विद्यालय परिसर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र का निरीक्षण किया। उन्होंने पोषाहार वितरण की जानकारी लेते हुए शत-प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करने पर जोर दिया। इस दौरान उन्होंने छोटे बच्चों से पुस्तकें पढ़वाकर उनकी सीखने की क्षमता भी परखी। आंगनबाड़ी केंद्र में स्थापित आरओ क्रियाशील नहीं पाया गया। इस संबंध में सहायिका ने बताया कि पानी की टंकी स्थापित न होने के कारण आरओ संचालित नहीं हो पा रहा है। जिलाधिकारी ने एबीएसए को आवश्यक कार्रवाई करते हुए पानी की टंकी की व्यवस्था सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान मिली अन्य कमियों पर जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए प्रधानाचार्य को विद्यालय में साफ-सफाई, शैक्षिक गुणवत्ता, पेयजल, स्वच्छता, मध्याह्न भोजन तथा अन्य मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त रखने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यालयों में बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ उनके लिए स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना भी सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने नवनिर्मित मुख्यमंत्री कंपोजिट विद्यालय के निर्माण कार्य की स्थिति की भी जानकारी ली। कार्यदायी संस्था ने बताया कि निर्माण कार्य पूरा हो चुका है तथा कुछ फिटिंग और फर्नीचर संबंधी कार्य व्यवस्थित किए जा रहे हैं। हैंडओवर की प्रक्रिया शुरू न होने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने एबीएसए को तकनीकी एवं थर्ड पार्टी जांच कराकर रिपोर्ट प्राप्त करने के बाद ही हैंडओवर की प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और बुनियादी सुविधाओं को बेहतर बनाना प्राथमिकता है। इसके लिए संबंधित अधिकारी नियमित निरीक्षण करते हुए कमियों को समयबद्ध ढंग से दूर कराना सुनिश्चित करें

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