जिलाधिकारी ने जिला वृक्षारोपण, गंगा एवं पर्यावरण समिति की बैठक में दिए निर्देश, शत-प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग सुनिश्चित करने पर जोर
जिलाधिकारी ने जिला वृक्षारोपण, गंगा एवं पर्यावरण समिति की बैठक में दिए निर्देश, शत-प्रतिशत पौधों की जियो टैगिंग सुनिश्चित करने पर जोर
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद अमेठी के साथ
अमेठी। जिलाधिकारी शशांक चौधरी की अध्यक्षता में गुरुवार देर शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला वृक्षारोपण समिति, जिला गंगा समिति एवं पर्यावरण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में पौधरोपण अभियान की प्रगति, लगाए गए पौधों की जियो टैगिंग, नदियों के संरक्षण, पर्यावरण स्वच्छता तथा कचरा प्रबंधन की व्यवस्थाओं की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए। जिला वृक्षारोपण समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने वर्षा काल में चलाए गए पौधरोपण अभियान के अंतर्गत लगाए गए पौधों की जियो टैगिंग की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी रोपित पौधों की शत-प्रतिशत जियो टैगिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि पौधरोपण कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन किया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि पौधरोपण का उद्देश्य केवल पौधे लगाना नहीं, बल्कि उन्हें सुरक्षित रखते हुए विकसित करना भी है। इसलिए जिन स्थानों पर पौधे सूख गए हैं अथवा नष्ट हो गए हैं, वहां उनके स्थान पर नए पौधे लगाए जाएं। साथ ही पौधों को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक प्रबंध किए जाएं और उनकी नियमित निगरानी की जाए। उन्होंने अधिक से अधिक पौधे लगाने, उनके संरक्षण तथा अनावश्यक कटान पर प्रभावी रोक लगाने के निर्देश भी दिए। जिला गंगा समिति की बैठक में प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र ने गंगा नदी एवं उसकी प्रमुख सहायक नदियों के पुनरुद्धार, संरक्षण, मरम्मत और पुनर्वासन से संबंधित कार्यों की जानकारी दी। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देशित किया कि नदियों के किनारे और घाटों पर नियमित साफ-सफाई सुनिश्चित की जाए तथा नदियों में कूड़ा-कचरा और अन्य अपशिष्ट पदार्थ डालने पर प्रभावी रोक लगाई जाए। उन्होंने प्रभागीय वनाधिकारी को नदियों के जल की गुणवत्ता की जांच कराने के निर्देश देते हुए कहा कि जल स्रोतों को स्वच्छ बनाए रखने के लिए नियमित निगरानी की जाए। साथ ही नदियों के किनारे उपलब्ध उपयुक्त स्थलों पर पिकनिक स्पॉट, पार्क और धार्मिक स्थलों के विकास की संभावनाओं पर भी कार्य किया जाए, जिससे इन क्षेत्रों को स्वच्छ एवं सुव्यवस्थित बनाया जा सके। जिलाधिकारी ने औद्योगिक क्षेत्रों से निकलने वाले कचरे और अपशिष्ट पदार्थों के निस्तारण पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि औद्योगिक अपशिष्ट को नदियों, जलाशयों अथवा अन्य जल स्रोतों में न डाला जाए। इसका निस्तारण निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए, ताकि जल प्रदूषण को रोका जा सके और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा सुनिश्चित हो। पर्यावरण समिति की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुव्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण के लिए कचरे का उचित संग्रहण, पृथक्करण एवं निस्तारण सुनिश्चित करना आवश्यक है। इसके लिए संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और स्वच्छता व्यवस्था की नियमित निगरानी करें। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने पर जोर देते हुए अधिक से अधिक पौधरोपण कराने, लगाए गए पौधों की देखभाल करने तथा आमजन को स्वच्छता एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि पौधों का संरक्षण, नदियों की स्वच्छता और प्रदूषण पर नियंत्रण पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए आवश्यक है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी अपनी जिम्मेदारियों का गंभीरता से निर्वहन करें और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कार्यों में प्रभावी प्रगति सुनिश्चित करें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी पूजा साहू, जिला विकास अधिकारी वीरभानु सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी रणवीर मिश्र सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे

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