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मिश्रिख नैमिष 84 कोसीय पैक्रमा मेला के अंतिम दिवस पर भव्य कवि सम्मेलन का किया गया आयोजन

 मिश्रिख नैमिष  84 कोसीय पैक्रमा मेला के अंतिम दिवस पर भव्य कवि सम्मेलन का किया गया आयोजन



श्री न्यूज़ 24/ अदिति न्यूज़ 

 विनय शुक्ला 


सीतापुर 

मिश्रिख-नैमिष महर्षि दधीचि की पौराणिक बसुंधरा की तपोभूमि पर 84कोशीय परिक्रमा एवम होली महोत्सव के अंतिम दिन बुधवार की रात  को शानदार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन  आयोजित  हुआ।इस काव्य गोष्टी में देश के विभिन्न राज्यो के कवि एवम कवयित्रियों ने अपना काव्य पाठ प्रस्तुत किया।इस अखिल भारतीय कवि सम्मेलन में देश के प्रसिद्ध ओजरस के कवि राष्ट्रकवि डॉ हरिओम पवार ने राष्ट्रीय मुद्दों जिसमे देश की सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा, सीमाओ की सुरक्षा से संबंधित, फौजियों की पेंशनआदि मुद्दों पर काव्य पाठ प्रस्तुत कर पूरे पंडाल को तालियों की आवाज से भर दिया।श्री पावर के काव्य पाठ में राष्ट्रहित सर्वोपरि रहा।जिसमे-

●पाकिस्तानी कब्जे वाला सब कश्मीर हमारा है, 

●सपनो में बालाकोट दिखाई देता हैदिल्ली के सिंघासन पर एक शेर दिखाई देता है।

●भारत ने हर समझौते का आदी बनना छोड़ दिया, कुछ बातों में हमने बापू गांधी बनना छोड़ दिया।

●नई सदी का भारत है बासठ वाला देश नही।

●हमने अपने संविधान से 370धारा हटा दिया।

●मैं चारण हूं चौराहो पर आंख मिलाकर पूछूँगा।

 वही डॉ हरिओम पवार ने करुण रस का काव्यपाठ कर सभी के आंखों में आंशू ला दिया-

●उन बेटो की याद कहानी लिखते लिखते रोया हूं कोई मोल नही दे सकता बसन्ती अहसासों का।

●मन तो मेरा भी करता है झूमो नाचूँ गाऊ मैं।

कवि श्री जगदीप शुक्ल अंचल जो पत्रकार के साथ साथ कवि भी है ने अपने काव्य पाठ में श्वेत श्याम ऊंच नीच का रंचमाने भेद अंतर मिटाता रहे पास  वंदे मातरम,सैनिको की शक्ति आदि काव्य पाठ प्रस्तुत कर सच्चे देशभक्त की की भूमिका प्रस्तुत किया।

  काव्य गोष्टी में में अम्बेडकर नगर से आये कवि श्री अभय निर्भीक ने भारत माँ का हरगिज सम्मान नही खोने देंगे, अपने पूज्य तिरंगे का अपमान नही खोने देंगे पर खूब तालियां बटोरी।रायपुर के कवि रमेश विश्वहार ने नीर की आस लेके बैठी है एक नदी प्यास लेके बैठी है।जब से आंखों में तुम समाये हो नींद सन्यास लेके बैठी है।अमन अक्षर इंदौर नेवात्सल्य रस काव्यपाठ- उन्ही आंखों को चश्मे की कही ज्यादा जरूरत है जिन्हें मां-बाप का छूटा हुआ चस्मा नही दिखता पर वर्तमान के परिवारों का दर्द झलका दिया।दमदार बनारसी ने ने काव्य पाठ के महत्व को इस तरह प्रस्तुत किया-कविता मन के कटुतारूपी दागो को धो देती है, कविता श्रोताओ के मन मे संस्कार बो देती है।हास्य रस के कनपुरिया कवि चुटकुला सम्राट हेमन्त पांडेय ने अपने चुटकुलों से महफ़िल को खूब मनोरंजन कराया बाबा के बुलडोजर पर खूब फिरकी ली माफियाओ की कमरतोड़ चुटकुलों से खूब हंसाया।

   नैनीताल की गौरी मिश्रा ने महर्षि दधीचि की पावन भूमि को नमन कर काव्य पाठ प्रस्तुत किया-चलेंगे कौश चौरासी मनाएंगे तभी होली, ये मन खुशियो से भर जाय चलो रंगले सभी होली,तपस्चर्या की दिन चर्चा यहाँ पग पग विराजित है हृदय भावन बड़ी पावन नैमिषारण्य की होली आदि गीतों से भीड़ को भक्तिमय होली से सराबोर कर दिया।जबलपुर से लंबा सफर तय कर मिश्रित काव्यपाठ में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने आई श्रृंगार रस की कवयित्री मणिका दुबे ने चंद लमहे मेरे हर पल आपके काव्य पाठ प्रस्तुत कर युवाओ की धड़कने बढ़ा दिया।स्थानीय लोगो व दर्शको द्वारा अवगत कराया कि इस बार के कवि सम्मेलन में अपार भीड़ रही जो ऐतिहासिक भीड़ है।इतने लोगो के जुड़ने से नैमिषारण्य मिश्रित की पावन तपोस्थली धन्य हो गई।इतनी भीड़ से भाईचारे की अनुभूति हुई।अतिविशिष्ट दीर्घा में बैठे विधायक रामकृष्ण भार्गव व विधानपरिषद सदस्य पवन सिंह चौहान से मंच संचालक से लेकर सभी कवियों ने खूब हास्य परिहास की कविताओं से खूब गुदगुदाया।दोनो विधायको ने सभी कवियों का आभार के साथ धन्यवाद दिया।

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