बिन मौसम बरसात फसल हुई बर्बाद किसान हुआ परेशान
बिन मौसम बरसात फसल हुई बर्बाद किसान हुआ परेशान
श्री न्यूज़ 24 अदिति समाचार पत्र
बांकेगंज खीरी
संवाददाता रमेश कुमार चौहान
बीती रात तेज हवा के साथ बारिश के कारण अधिकांश किसानों की गेहूं की फसल चटाई की तरह जमीन पर फैल चुकी है। लाही की खेती करने वाले किसान बेहद परेशान हैं विशेषकर वे किसान जिन्होंने बारिश की संभावना के चलते अपनी लाही कटवा दी थी परंतु खेत से उठा नहीं पाए थे, उनकी फसल खेत में पानी भरने से डूब गई है। उन्हें चिंता है कि यदि खेत में दो दिन पानी भरा रहा तो लाही खराब हो जाएगी। जिन्होंने अपनी लाही नहीं कटवाई थी उन्हें इस बात की चिंता है कि ओले गिरने से फसल बर्बाद हो जाएगी। इनसे भी अधिक चिंता आलू किसानों को है। कई आलू कृषक ऐसे हैं जिन्होंने आलू का पर्याप्त मूल्य न मिलने के कारण उसे खेत में छोड़ रखा था तथा कई किसानों ने आम के बागों में डंप कर रखा था। उन्हें उम्मीद थी कि कुछ दिनों में आलू का मूल्य बढ़ जाएगा तब खेत से खुदवा कर बेच देंगे। बारिश ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। खेतों और बागों में पानी भर जाने से उनका सड़ना निश्चित है ऐसे में किसानों को नुकसान भी बड़ा होगा। इस नुकसान को कम करने के लिए किसान तेज बारिश के बीच बागों में पहुंचे और एकत्र पानी को कम कराने के लिए नाली खुदवाने लगे। जिनके गन्ने अभी खेतों में ही खड़े हैं वे भी तेज हवा के कारण गिरने लगे हैं।
रमतलिया निवासी सुनील कुमार की मसूर की फसल पानी भरने के कारण चौपट हो गई है। वे कहते हैं कि बच्चों की पढ़ाई लिखाई का खर्च और परिवार का खर्च खेती किसानी के सहारे ही चलाना होता है । फसल जब इस तरह से बर्बाद हो जाती है तो दिक्कतें भी आनी स्वभाविक है। शासन प्रशासन को कुछ इस तरह के प्रयास करने चाहिए किसानों का कम से कम लागत मूल्य तो निकल ही सके।
तेज बारिश और हवा ने छुट्टा पशुओं को भी परेशान कर दिया है। वे खुद को बचाने के लिए छुट्टा पशु पेड़ों के नीचे शरण लिए हुए दिखाई दे रहे थे। इनके लिए बनने वाले अस्थायी गो आश्रय स्थल की अब तक शुरूआत नहीं हो सकी है।

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