कालिकन धाम मंदिर के विकास को लेकर एमएलसी की पहल रंग लाई, 150 लाख से अधिक की परियोजना स्वीकृत
कालिकन धाम मंदिर के विकास को लेकर एमएलसी की पहल रंग लाई, 150 लाख से अधिक की परियोजना स्वीकृत
अमेठी विकासखंड संग्रामपुर स्थित ऐतिहासिक कालिकन धाम मंदिर के पर्यटन विकास को लेकर वर्ष 2025 में उठाई गई पहल अब साकार होती नजर आ रही है। सदस्य विधान परिषद गोविंद नारायण शुक्ला द्वारा पर्यटन एवं सूचना विभाग को भेजे गए पत्र के माध्यम से इस प्राचीन धार्मिक स्थल के विकास की मांग की गई थी, जिसे सरकार ने गंभीरता से लेते हुए स्वीकृति प्रदान कर दी है।लगभग 300 वर्ष पुराने इस मंदिर को क्षेत्र का प्रमुख आस्था केंद्र माना जाता है। यहां प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु एवं पर्यटक दर्शन हेतु पहुंचते हैं। विशेष रूप से प्रत्येक सोमवार को यहां लगने वाला मेला दूर-दराज के क्षेत्रों से आने वाले भक्तों की भारी भीड़ का साक्षी बनता है। बावजूद इसके, लंबे समय से मंदिर परिसर में मूलभूत सुविधाओं जैसे स्वच्छता, पेयजल, बैठने की व्यवस्था एवं मार्ग-सुविधाओं का अभाव बना हुआ था, जिससे श्रद्धालुओं को कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
इन्हीं समस्याओं को ध्यान में रखते हुए वर्ष 2025 में श्री शुक्ला ने पर्यटन मंत्री को पत्र लिखकर इस स्थल को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई थी। उनके इस प्रयास के परिणामस्वरूप उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा मंदिर के पर्यटन विकास हेतु 147.22 लाख रुपये की धनराशि आवंटित की गई है, जबकि कुल 150.7 लाख रुपये की परियोजना को प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति भी प्रदान कर दी गई है।इस परियोजना के क्रियान्वयन हेतु उत्तर प्रदेश जल निगम की इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज को कार्यदायी संस्था नामित किया गया है। वित्तीय वर्ष 2025–26 के अंतर्गत इस योजना में मंदिर परिसर का सौंदर्यीकरण, आधारभूत सुविधाओं का विस्तार तथा श्रद्धालुओं के लिए बेहतर व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएंगी।स्थानीय लोगों का मानना है कि इस विकास कार्य से न केवल श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी, बल्कि क्षेत्र में पर्यटन को भी नई गति प्राप्त होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
यूपी रिपोर्टर मारूफ अहमद के साथ

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