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उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर खीरी (बेलरायां,) रेंज में 'यमदूत' का तांडव: घर की दहलीज लांघकर मासूम को जबड़े में दबोचा, मां-बाप की आंखों के सामने काल बनकर आया आदमखोर!

उत्तर प्रदेश के जिला लखीमपुर खीरी  (बेलरायां,) रेंज में 'यमदूत' का तांडव: घर की दहलीज लांघकर मासूम को जबड़े में दबोचा, मां-बाप की आंखों के सामने काल बनकर आया आदमखोर!


लखीमपुर खीरी में खूनी 'मंजर': बेलरायां रेंज में आदमखोर तेंदुआ का तांडव, मासूम की चीखों से दहला लखीमपुर




श्री न्यूज 24/अदिति न्यूज से मण्डल रिपोर्टर चन्दन सोनी लखनऊ मण्डल लखीमपुर खीरी से 



लखीमपुर खीरी

 उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी  बेलरायां रेंज में एक ऐसी रूह कंपा देने वाली वारदात हुई है, जिसे सुनकर पत्थर दिल इंसान भी दहल उठे। यहाँ सिंगाही इलाके में एक खूंखार तेंदुए ने साक्षात 'यमदूत' बनकर एक घर में दस्तक दी और परिजनों की चीखों के बीच 7 साल की मासूम सिमरन को मौत के आगोश में खींच ले गया।


घर के भीतर 'डेथ वारंट': काल का खौफनाक हमला!


बुधवार की वो मनहूस शाम... जब जोगा सिंह का परिवार अपने घर की चहारदीवारी में खुद को सुरक्षित समझ रहा था। करीब 7 बज रहे थे, तभी अचानक दीवारों को फांदकर एक आदमखोर तेंदुआ घर के भीतर दाखिल हुआ। पलक झपकते ही उस दरिंदे ने मासूम सिमरन की गर्दन अपने लोहे जैसे मजबूत जबड़ों में जकड़ ली।


फुटहा फार्म निवासी जोगा सिंह की सात वर्षीय पुत्री सिमरन बुधवार शाम करीब सात बजे घर के भीतर थी। इसी दौरान अचानक एक तेंदुआ घर में घुस आया और परिजनों के सामने ही बच्ची को जबड़े में दबोचकर लेकर भाग निकला। घटना से घर में चीख-पुकार मच गई। परिजन और आसपास के लोग शोर मचाते हुए तेंदुए के पीछे दौड़े, लेकिन वह बच्ची को लेकर तेजी से खेतों की और निकल गया।



लाचार मां-बाप, बेबस चीखें और खून के निशान!


सिमरन की दर्दभरी चीखें घर की दीवारों से टकराकर दम तोड़ रही थीं। मां-बाप की आंखों के सामने उनका कलेजे का टुकड़ा काल के जबड़े में फंसा था। बेबस परिजन लाठियां लेकर उस शिकारी के पीछे दौड़े, शोर मचाया, पत्थर फेंके... लेकिन वो शातिर शिकारी अंधेरे का फायदा उठाकर मासूम को घसीटते हुए गन्ने और गेहूं के खेतों में ओझल हो गया।


खेत में मिला 'कलेजे का टुकड़ा', मंजर देख कांप गई रूह!


करीब आधे घंटे की बदहवास तलाश के बाद जो मंजर सामने आया, उसने पूरे गांव का कलेजा चीर दिया घर से महज 500 मीटर दूर गेहूं के खेत में मासूम सिमरन का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। आदमखोर ने बच्ची के शरीर को बेरहमी से नोच डाला था। मां की करुण पुकार से आसमान फट पड़ा और पूरे इलाके में मातम पसर गया।


वन विभाग की 'कुंभकर्णी नींद' और ग्रामीणों का आक्रोश!


इलाके में पिछले कई दिनों से यह 'साया' मंडरा रहा था। कुत्तों और मवेशियों को निवाला बनाने के बाद अब इस दरिंदे ने इंसान के खून का स्वाद चख लिया है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा और आज एक मासूम की जान की कीमत चुकानी पड़ी। अब जब चिड़िया खेत चुग गई, तब विभाग पिंजरे लगाने का ढोंग कर रहा है।


सवाल बड़ा है: 


आखिर कब तक मासूमों की बलि चढ़ती रहेगी? क्या वन विभाग इस आदमखोर को सलाखों के पीछे ला पाएगा या फिर अगली शाम किसी और घर का चिराग बुझ जाएगा



घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम राजीव निगम और सीओ शिवम कुमार मौके के लिए रवाना हो गए। वहीं बेलरायां रेंज के रेंजर भूपेंद्र कुमार चौधरी ने बताया कि क्षेत्र में तेंदुए की सक्रियता को देखते हुए पहले से ही दो स्थानों पर पिंजरे लगाए गए हैं और गश्ती टीम निगरानी कर रही है। उन्होंने ग्रामीणों से सतर्क रहने और बच्चों को अकेला न छोड़ने की अपील की है।

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